गारंटी बॉन्ड का लाभ उठायें बुनियादी ढांचे से जुड़े पक्ष: इरडा चेयरमैन

गारंटी बॉन्ड का लाभ उठायें बुनियादी ढांचे से जुड़े पक्ष: इरडा चेयरमैन

गारंटी बॉन्ड का लाभ उठायें बुनियादी ढांचे से जुड़े पक्ष: इरडा चेयरमैन
Modified Date: September 19, 2023 / 08:11 pm IST
Published Date: September 19, 2023 8:11 pm IST

नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के चेयरमैन देबाशीष पांडा ने मंगलवार को बुनियादी ढांचा क्षेत्र में संबद्ध पक्षों से गारंटी बॉन्ड का लाभ उठाने को कहा। यह बड़ी राशि के वित्तपोषण के लिये बैंक गारंटी की तरह काम करता है।

गारंटी या श्योरिटी बॉन्ड एक प्रकार की बीमा पॉलिसी है जो लेनदेन या अनुबंध में शामिल पक्षों को अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन या कार्य पूरा नहीं होने के कारण संभावित वित्तीय नुकसान से बचाती है।

पांडा ने देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण पर उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और इन्फ्राविजन फाउंडेशन (टीआईएफ) के एक गोलमेज सम्मेलन में यह बात कही। सरकार बुनियादी ढांचा क्षेत्र को जोर-शोर से बढ़ावा दे रही है। वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में इस क्षेत्र के लिये 10 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

इरडा के चेयरमैन ने कहा कि राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा पाइपलाइन के जरिये देश में ढांचागत क्षेत्रों में अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

सीआईआई के बयान में पांडा के हवाले से कहा गया है कि इसके लिये अगले पांच साल में लगभग 90 लाख करोड़ रुपये की बैंक गारंटी की आवश्यकता है। और बैंकों के पास वर्तमान में इतनी क्षमता नहीं है कि वे इतनी राशि की गारंटी प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति बैंक गारंटी के पूरक के रूप में गारंटी बॉन्ड के उपयोग की जरूरत है।

पांडा ने बाजार में इतनी बड़ी क्षमता को देखते हुए सभी संबद्ध पक्षों से एक साथ आने और इस खंड में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि मौजूदा नियामकीय व्यवस्था ने साधारण बीमा उद्योग को अपने कारोबार में विविधता लाने और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया है।

भाषा

रमण अजय

अजय


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