स्थानीय निकायों का लेखा-परीक्षा करने वाले पीएआई का संस्थागत ढांचा मजबूत करने की जरूरतः कैग

स्थानीय निकायों का लेखा-परीक्षा करने वाले पीएआई का संस्थागत ढांचा मजबूत करने की जरूरतः कैग

स्थानीय निकायों का लेखा-परीक्षा करने वाले पीएआई का संस्थागत ढांचा मजबूत करने की जरूरतः कैग
Modified Date: January 21, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: January 21, 2026 10:31 pm IST

हैदराबाद, 21 जनवरी (भाषा) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने बुधवार को स्थानीय निकायों के लेखा-परीक्षण के लिए जिम्मेदार ‘प्राथमिक लेखा-परीक्षा संस्थानों’ (पीएआई) का संस्थागत ढांचा मजबूत करने और पेशेवर क्षमता निर्माण पर बल दिया।

कैग कार्यालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, स्थानीय निधि लेखा-परीक्षा निदेशालयों (डीएलएफए) और राज्य लेखा-परीक्षा विभागों की राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन सत्र में पीएआई की संस्थागत मजबूती, पेशेवर क्षमता निर्माण और लेखा-परीक्षा प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने की जरूरत पर बल दिया गया।

तीन-दिवसीय कार्यशाला सीआईएआरडी-एनआईआरडीपीआर द्वारा आई-कैल के सहयोग से आयोजित की गई थी।

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समापन समारोह में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक संजय मूर्ति ने कहा कि विभिन्न राज्यों की तरफ से रखी गई चुनौतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर विचार किया जाएगा। इन्हें आगामी अखिल राज्य सचिवों की कार्यशाला में पेश किया जाएगा, ताकि प्रणाली में आवश्यक सुधार और अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

कार्यशाला निदेशक यू. हेमंत कुमार ने बताया कि स्थानीय निधि लेखा-परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों, पीएआई की परिपक्वता के आकलन, कैग के तकनीकी मार्गदर्शन एवं समर्थन (टीजीएस) ढांचे, तथा लेखा परीक्षा योजना, रिपोर्टिंग और स्थानीय निकायों के साथ सहभागिता के अनुभवों पर चर्चा हुई।

विभिन्न राज्यों के स्थानीय निधि लेखा-परीक्षा निदेशकों ने पांच विषयगत समूह चर्चाओं में भाग लिया। इनमें पीएआई की परिपक्वता, वर्चुअल ऑडिट प्रणाली, ग्राम पंचायतों का दूरस्थ लेखा परीक्षण, निरीक्षण रिपोर्टों का मानकीकरण एवं लेखा परीक्षा योजना, तथा टीजीएस ढांचे को सशक्त बनाने जैसे विषय शामिल रहे।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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