Durg Opium Farming News: अफीम की खेती पर बड़ा खुलासा! सर्वे में बड़ा खेल… सरकारी रिकॉर्ड में बताया इस चीज का फसल, अब कलेक्टर ने तीन अफसरों को थमाया नोटिस

Durg Opium Farming News: अफीम की खेती पर बड़ा खुलासा! सर्वे में बड़ा खेल... सरकारी रिकॉर्ड में बताया इस चीज का फसल, अब कलेक्टर ने तीन अफसरों को थमाया नोटिस

Durg Opium Farming News: अफीम की खेती पर बड़ा खुलासा! सर्वे में बड़ा खेल… सरकारी रिकॉर्ड में बताया इस चीज का फसल, अब कलेक्टर ने तीन अफसरों को थमाया नोटिस

Durg Opium Farming News/Image Source: IBC24 File


Reported By: Akash Rao,
Modified Date: March 13, 2026 / 12:02 pm IST
Published Date: March 13, 2026 12:00 pm IST
HIGHLIGHTS
  • दुर्ग में अफीम की खेती पर बड़ा खुलासा
  • मक्का बताकर छिपाते रहे अधिकारी
  • तीन अधिकारियों को नोटिस

दुर्ग: Durg Opium Farming News:  दुर्ग जिले में सामने आए अफीम की अवैध खेती के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। जिस खेत में अफीम की फसल लहलहा रही थी, उसे कृषि विभाग के अधिकारी लगातार मक्का की फसल बताकर रिपोर्ट करते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कलेक्टर ने कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू, फसल सर्वेयर शशिकांत साहू और ग्राम समोदा की पटवारी अनिता साहू से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में तीनों अधिकारियों की लापरवाही सामने आने के बाद यह नोटिस जारी किया गया है।

मक्का के नाम पर दिखाया गया गलत प्रदर्शन प्लॉट (illegal opium cultivation CG)

Durg Opium Farming News:  जांच के दौरान सबसे बड़ी गड़बड़ी कृषि विस्तार अधिकारी के स्तर पर सामने आई। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि विनायक ताम्रकार के भाई विमल ताम्रकार के जिस खेत को कृषि विस्तार अधिकारी ने मक्का फसल का प्रदर्शन प्लॉट बताया था, वहां वास्तव में धान की खेती हो रही थी। इससे यह संकेत मिलता है कि शासन को गुमराह करते हुए जानबूझकर खेत का स्थान बदला गया। इतना ही नहीं, प्रदर्शन प्लॉट के नाम पर राज्य शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी जारी कर दी गई।

नियम के अनुसार, प्रदर्शन प्लॉट की फोटो उसी किसान के साथ ली जानी चाहिए जिसे सरकारी लाभ मिलना है। लेकिन रिपोर्ट में धान की जगह मक्का के खेत के पास एक अन्य किसान को खड़ा कर फोटो खींचकर अपलोड कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि जिस खेत की मक्का की फोटो लगाई गई उसके ठीक पीछे अफीम की खेती की जा रही थी।

डिजिटल सर्वे में भी सामने आई गड़बड़ी (Durg collector action)

Durg Opium Farming News:  फसलों के सर्वे के लिए नियुक्त फसल सर्वेयर शशिकांत साहू ने सितंबर 2025 में खेत का डिजिटल सर्वे किया था। इसके बाद उसने फोटो गिरदावरी सॉफ्टवेयर में जानकारी अपलोड की। इसमें उसने खसरा नंबर 309 को पड़त भूमि और खसरा नंबर 310 में धान की फसल होने की जानकारी दर्ज की, जबकि जांच में पाया गया कि इन्हीं दोनों खसरा नंबरों पर अफीम की खेती की जा रही थी।

बिना जांच पटवारी ने कर दी रिपोर्ट मंजूर (Durg opium farming case)

नियमों के अनुसार सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद पटवारी को मौके पर जाकर सत्यापन करना होता है, लेकिन आरोप है कि पटवारी ने बिना स्थल जांच किए ही रिपोर्ट को मंजूरी देकर सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिया, जिससे अवैध अफीम की खेती छिपी रह सके। प्रारंभिक जांच में यह भी संभावना जताई जा रही है कि तीनों अधिकारियों की भाजपा नेता विनायक ताम्रकार से सांठगांठ हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में जांच जारी है। कलेक्टर ने तीनों अधिकारियों से पांच बिंदुओं पर सात दिन के भीतर जवाब मांगा है। जवाब के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।