जनवरी-जून में रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश 23 प्रतिशत बढ़ा: जेएलएल

जनवरी-जून में रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश 23 प्रतिशत बढ़ा: जेएलएल

जनवरी-जून में रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश 23 प्रतिशत बढ़ा: जेएलएल
Modified Date: June 25, 2026 / 07:09 pm IST
Published Date: June 25, 2026 7:09 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) घरेलू निवेशकों से बेहतर निवेश प्रवाह के बल पर इस साल जनवरी-जून अवधि के दौरान रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश 23 प्रतिशत बढ़कर 4.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया। संपत्ति परामर्शदाता कंपनी जेएलएल इंडिया ने यह जानकारी दी।

एक वर्ष पहले की समान अवधि में संस्थागत निवेश 3.51 अरब डॉलर रहा था।

जेएलएल इंडिया के अनुसार, 2026 में जनवरी-जून के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों का निवेश 2.8 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर 165 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण विदेशी संस्थागत निवेश 37 प्रतिशत घट गया।

रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में औसत सौदे का आकार 40 प्रतिशत घटकर आठ करोड़ डॉलर रह गया।

परिसंपत्ति वर्गों में कार्यालय क्षेत्र को कुल संस्थागत निवेश का 54 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ।

जेएलएल इंडिया में पूंजी बाजार प्रमुख एवं वरिष्ठ प्रबंध निदेशक लता पिल्लई ने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम घरेलू संस्थागत निवेशकों की अभूतपूर्व भागीदारी है, जिनका कुल पूंजी प्रवाह में हिस्सा बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया है। यह अब तक का सर्वाधिक स्तर है।”

उन्होंने कहा कि घरेलू निजी इक्विटी निवेशकों और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) द्वारा संचालित यह वृद्धि भारत के घरेलू निवेश परिदृश्य के परिपक्व होने की शुरुआती अवस्था को दर्शाती है और इससे बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशीलता में उल्लेखनीय कमी आई है।

पिल्लई ने उम्मीद जताई कि वैश्विक परिस्थितियों के स्थिर होने पर विदेशी निवेशक भारतीय रियल एस्टेट बाजार में अपने निवेश को बढ़ाएंगे।

भाषा योगेश अजय

अजय


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