आईटीसी वृद्धि के लिए दैनिक उपयोग वाले सामान, डिजिटल कृषि और टिकाऊ कारोबार पर देगी ध्यान

आईटीसी वृद्धि के लिए दैनिक उपयोग वाले सामान, डिजिटल कृषि और टिकाऊ कारोबार पर देगी ध्यान

आईटीसी वृद्धि के लिए दैनिक उपयोग वाले सामान, डिजिटल कृषि और टिकाऊ कारोबार पर देगी ध्यान
Modified Date: June 26, 2026 / 10:02 pm IST
Published Date: June 26, 2026 10:02 pm IST

कोलकाता, 26 जून (भाषा) आईटीसी लिमिटेड ने मध्यम अवधि के लिए वृद्धि रणनीति तैयार की है। इसके तहत कंपनी अपने एफएमसीजी यानी दैनिक उपयोग के सामान से जुड़े कारोबार का विस्तार, डिजिटल कृषि को बढ़ावा, ताजा खाद्य और टिकाऊ पैकेजिंग कारोबार में वृद्धि करेगी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट में यह खुलासा किया है।

कंपनी ने वर्ष 2050 तक अपने परिचालन में शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

कंपनी ने कहा कि उसका लक्ष्य प्रमुख ब्रांड को मजबूत करने, मूल्यवर्धित उत्पाद श्रेणियों में विस्तार और स्वास्थ्य, पोषण, सुविधा तथा प्रीमियम उत्पादों पर आधारित नए पोर्टफोलियो विकसित कर भारत की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी स्थापित करना है।

एफएमसीजी क्षेत्र में आईटीसी वर्तमान में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है।

सालाना रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव पुरी के नेतृत्व में ‘आईटीसी नेक्स्ट’ रणनीति के तहत डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवाचार, टिकाऊ विकास और फ्रेश फूड कारोबार, ‘आईटीसी मेटामार्केट फॉर एडवांस्ड एग्रीकल्चर एंड रूरल सर्विसेज’ (सीएमएएआरएस) तथा टिकाऊ पैकेजिंग जैसे नए विकास क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

कंपनी ने कहा कि उसकी ‘आईटीसी सीएमएएआरएस डिजिटल कृषि मंच का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 4,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को जोड़ना और एक करोड़ किसानों तक पहुंच बनाना है।

कंपनी ने कहा कि यह मंच व्यक्तिगत कृषि सलाह, बाजार से जुड़ाव और ऋण सुविधा के जरिए फसल उत्पादकता में 15-20 प्रतिशत तथा किसानों की शुद्ध आय में 25-30 प्रतिशत तक वृद्धि करने में मदद कर सकता है।

कंपनी ने वर्ष 2050 तक शुद्ध रूप से शून्य उत्सर्जन हासिल करने के लक्ष्य को लेकर कहा कि वह नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु-अनुकूल कृषि और जल संरक्षण संबंधी पहलों का विस्तार जारी रखेगी।

भाषा यासिर रमण

रमण


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