केरल बजट 2026-27: विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनहितैषी योजनाओं की घोषणा

केरल बजट 2026-27: विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनहितैषी योजनाओं की घोषणा

केरल बजट 2026-27: विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनहितैषी योजनाओं की घोषणा
Modified Date: January 29, 2026 / 10:50 am IST
Published Date: January 29, 2026 10:50 am IST

तिरुवनंतपुरम, 29 जनवरी (भाषा) केरल के वित्त मंत्री के. एन. बालागोपाल ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए 2026-27 के लिए बृहस्पतिवार को जन-केंद्रित बजट पेश किया। इसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों की मदद के लिए 14,500 करोड़ रुपये की भारी राशि और कई नए सामुदायिक कार्यक्रमों के वित्तपोषण का प्रस्ताव है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन नीत दूसरी सरकार का छठा बजट पेश करते हुए बालागोपाल ने विधानसभा में मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,000 रुपये प्रति माह जबकि आंगनवाड़ी सहायकों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की घोषणा की।

उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के पूर्व शिक्षकों और साक्षरता अभियान के प्रेरकों (मोटिवेटर) के वेतन में 1,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि जबकि विद्यालय के रसोइया कर्मचारियों की दैनिक मजदूरी में 25 रुपये प्रति दिन की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।

बजट में मुख्यमंत्री की स्त्री सुरक्षा योजना के लिए 3,700 करोड़ रुपये की घोषणा भी की गई है।

इसके अलावा, बजट में ग्रामीण रोजगार योजना के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 1,000 करोड़ रुपये के आवंटन में वृद्धि, स्कूली बच्चों सहित सभी श्रेणियों के लोगों के लिए जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा योजनाओं और कला एवं विज्ञान कॉलेज के छात्रों के लिए मुफ्त डिग्री शिक्षा की भी घोषणा की गई है।

बजट में तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (आरआरटीएस) से संबंधित प्रारंभिक कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये के आवंटन की भी घोषणा की गई, जिसे बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। इसमें तटीय क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।

राज्य के बजट में वन और वन्यजीव संरक्षण के लिए 250 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की घोषणा भी की गई।

बालागोपाल ने बजट भाषण में केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र केरल का गला घोंट रहा है और उसके कर राजस्व में कटौती कर रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ घोर उपेक्षा के बावजूद केरल ने प्रगति की है।’’

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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