केरल की अर्थव्यवस्था में तीव्र वृद्धि, राजकोषीय लक्ष्य हासिल करने में चूकी: कैग रिपोर्ट

केरल की अर्थव्यवस्था में तीव्र वृद्धि, राजकोषीय लक्ष्य हासिल करने में चूकी: कैग रिपोर्ट

केरल की अर्थव्यवस्था में तीव्र वृद्धि, राजकोषीय लक्ष्य हासिल करने में चूकी: कैग रिपोर्ट
Modified Date: June 23, 2026 / 06:29 pm IST
Published Date: June 23, 2026 6:29 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 23 जून (भाषा) केरल की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 10 प्रतिशत की दर से बढ़ी लेकिन कमजोर राजस्व वृद्धि, बढ़ते खर्च और ऊंचे कर्ज स्तर के कारण राज्य अपने राजकोषीय लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सका। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

राज्य विधानसभा में मंगलवार को पेश कैग रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में केरल के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 9.97 प्रतिशत वृद्धि रही, जबकि एक साल पहले यह वृद्धि दर 9.30 प्रतिशत थी। हालांकि राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था के बावजूद राज्य सरकार की आय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई।

रिपोर्ट कहती है कि राजस्व प्राप्तियों में केवल 0.30 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि राज्य के अपने कर राजस्व में महज 3.11 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इससे संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था के विस्तार के बावजूद कर संग्रह अपेक्षाकृत धीमा रहा।

कैग ने कहा कि केंद्र से करों में हिस्सेदारी के रूप में केरल को मिलने वाली राशि में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन केंद्रीय अनुदानों में 42 प्रतिशत की गिरावट आई। इसका मुख्य कारण वित्त आयोग की राजस्व घाटा अनुदान योजना का समाप्त होना रहा।

आलोच्य अवधि में सरकारी खर्च में बढ़ोतरी जारी रही और साल के दौरान कुल खर्च 8.97 प्रतिशत बढ़ गया।

वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान सरकारी खजाने पर सबसे बड़ा बोझ बने रहे। इन मदों पर होने वाले खर्च राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा रहा।

कैग ने केआईआईएफबी और केएसएसपीएल जैसी सरकारी संस्थाओं के जरिए ‘गैर-बजटीय’ उधारी जुटाने के लगातार इस्तेमाल पर चिंता जताई है लेकिन यह भी कहा कि इस वित्त वर्ष में विकास कार्यों पर खर्च 17,886.78 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो पिछले दशक का सबसे उच्च स्तर है।

रिपोर्ट के मुताबिक, केरल राजकोषीय दायित्व अधिनियम के तहत निर्धारित किसी भी वित्तीय लक्ष्य को राज्य हासिल नहीं कर पाया।

वित्त वर्ष 2024-25 में केरल का राजस्व घाटा बढ़कर जीएसडीपी के 2.49 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 1.60 प्रतिशत था। वहीं राजकोषीय घाटा 3.02 प्रतिशत से बढ़कर 3.86 प्रतिशत हो गया।

भाषा

यासिर प्रेम

प्रेम


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