श्रम सुधार पूरी तरह लागू; सरकार गरीबों की समर्थक एवं उद्योग अनुकूल: मनसुख मांडविया
श्रम सुधार पूरी तरह लागू; सरकार गरीबों की समर्थक एवं उद्योग अनुकूल: मनसुख मांडविया
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने चार नयी श्रम संहिताओं को पूरी तरह लागू कर दिया है और वर्तमान सरकार गरीबों की समर्थक एवं उद्योग अनुकूल है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन में मंत्री ने कहा कि श्रम एवं उद्योग को प्रभावी समन्वय के लिए एक-दूसरे के पूरक बनना चाहिए और बदलाव के साथ तालमेल बैठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चार नई श्रम संहिताओं ने 29 श्रम कानूनों को एक सरल और आधुनिक ढांचे में समाहित कर दिया है।
केंद्र सरकार ने इस महीने की शुरुआत में पांच साल से अधिक समय के इंतजार के बाद नियम अधिसूचित कर चारों श्रम संहिताओं को पूरी तरह लागू कर दिया। ये चार संहिताएं वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता, 2020 हैं।
मांडविया ने कहा कि श्रम सुधारों का उद्देश्य ‘‘इंस्पेक्टर राज’’ को समाप्त करना और उद्योग के लिए एकल पंजीकरण तथा एकल खिड़की व्यवस्था प्रदान करना है। अब श्रम निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) को सुविधा प्रदान करने वाला बनाया गया है और वे कानूनों के अनुपालन के लिए पर्याप्त अवसर देते हैं।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने कहा कि देश में श्रम उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उद्योग और ‘‘ हमारी सरकार गरीबों एवं किसानों की समर्थक और उद्योग अनुकूल है।’’
उन्होंने कहा कि नए कानूनी ढांचे में पुरुषों और महिलाओं को समान कार्य के लिए समान वेतन का प्रावधान है। रोजगार सृजन तभी होगा जब उद्योगपति संपत्ति सृजित कर करों का भुगतान करेंगे।
केंद्र सरकार ने नौ मई को नियम अधिसूचित कर चारों श्रम संहिताओं को पूरी तरह लागू किया, जिससे सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन एवं सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरह ही मंत्री ने भी पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर पेट्रोलियम उत्पादों के उपयोग और सोने की खरीद में कटौती करने का आग्रह किया।
मोदी ने रविवार को कहा था कि सरकार लोगों को पश्चिम एशिया संकट के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा था कि ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल, सोने की खरीद टालने तथा विदेश यात्राओं को स्थगित करने जैसे कदम उठाने की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ाने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने, पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने की सलाह दी थी ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके।
संकट के बीच विदेशी मुद्रा संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने एक वर्ष के लिए सोने की खरीद और विदेशी यात्राओं को टालने का भी आह्वान किया था।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा

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