श्रम सुधार: सरकार ने नियमों को अधिसूचित कर चार नई संहिताओं को पूरी तरह लागू किया
श्रम सुधार: सरकार ने नियमों को अधिसूचित कर चार नई संहिताओं को पूरी तरह लागू किया
नयी दिल्ली, नौ मई (भाषा) पांच साल से अधिक के लंबे इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने नियमों को अधिसूचित कर चार श्रम संहिताओं को पूरी तरह से लागू कर दिया है।
इसका उद्देश्य सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी और सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
चार श्रम संहिताओं में वेतन संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थिति संहिता, 2020 शामिल हैं। ये सभी 21 नवंबर, 2025 से प्रभावी हो गई थीं।
इन संहिताओं को 29 मौजूदा श्रम कानूनों को एकीकृत कर एक सरल और आधुनिक ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अब इन चारों संहिताओं के तहत नियमों को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया है और इसके साथ ही इनके पूर्ण क्रियान्वयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
उन्होंने कहा कि यद्यपि श्रम संहिताएं 21 नवंबर, 2025 को कानून बन गई थीं, लेकिन नियमों के अभाव में कुछ प्रावधान स्पष्ट नहीं हो पाए थे।
मसौदा नियम 30 दिसंबर, 2025 को हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किए गए थे, जिन्हें विधिक जांच के बाद अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया गया।
इन नियमों का प्रकाशन संहिताओं को पूरी तरह लागू करने के लिए आवश्यक था। चार संहिताओं में 29 श्रम कानूनों को समेटने का उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही जटिलताओं को दूर करना और प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाना है।
इसका उद्देश्य व्यापार करने में सुगमता बढ़ाना, रोजगार सृजन को प्रोत्साहन देना तथा प्रत्येक श्रमिक के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक व वेतन सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय

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