नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) इटली की सुपर स्पोर्ट्स कार विनिर्माता कंपनी ऑटोमोबिली लैम्बोर्गिनी को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से फिलहाल कोई लाभ नहीं मिलेगा। कंपनी के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) स्टीफन विंकेलमैन ने कहा कि इस समझौते में ‘प्लग-इन हाइब्रिड’ वाहनों को शामिल नहीं किया गया है।
प्लग-इन हाइब्रिड ऐसी कारें हैं जिनमें पेट्रोल इंजन के साथ एक बड़ी रिचार्जेबल बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर होती है। इन्हें घर या चार्जिंग स्टेशन पर ‘प्लग इन’ करके चार्ज किया जा सकता है। बैटरी खत्म होने पर यह सामान्य हाइब्रिड की तरह चलती है।
विंकेलमैन ने एक बातचीत में कहा, ‘भारत और ईयू के बीच शुल्क कम करने पर सहमति बनना एक अच्छा संकेत है, लेकिन दुर्भाग्य से यह हमारी कारों को लाभ नहीं पहुंचा रहा है। यह रियायत केवल पारंपरिक ईंधन (आईसीई) इंजन वाली कारों के लिए है, न कि प्लग-इन हाइब्रिड के लिए। हमारे पास सभी मॉडल प्लग-इन हाइब्रिड हैं।’
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इन वाहनों को भी समझौते के दायरे में लाया जाएगा।
भारतीय बाजार की स्थिति पर उन्होंने कहा कि कंपनी ने भारत में सालाना 100 इकाइयों की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है और आने वाले समय में यहां स्थिर वृद्धि की उम्मीद है।
विंकेलमैन के अनुसार, बुनियादी ढांचे में सुधार और स्थिर सरकार के कारण भविष्य में वृद्धि की काफी संभावनाएं हैं।
अगले लक्ष्य (150-200 इकाई) के सवाल पर उन्होंने कहा कि कंपनी बाजार में कारों की जबरन आपूर्ति नहीं करेगी, बल्कि बाजार की परिपक्वता के साथ धीरे-धीरे अपनी पैठ बढ़ाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में नयी पीढ़ी के ग्राहकों के बीच सुपर स्पोर्ट्स कारों को लेकर काफी उत्साह है।
वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबिली लैम्बोर्गिनी ने वर्ष 2025 में 10,747 कारों की आपूर्ति की है, जो लगातार तीसरे वर्ष 10,000 इकाइयों के स्तर को पार कर गई है।
भारत में कंपनी उरुस एसई, टेमेरेरियो और रेवुएल्टो जैसे मॉडल बेचती है, जिनकी कीमत 4.47 करोड़ रुपये से 8.70 करोड़ रुपये के बीच है।
भाषा सुमित अजय
अजय