नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लेनोवो इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में अपने राजस्व में सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो बढ़कर 8,145 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के अनुसार, भारत में डिजिटलीकरण की गति, कृत्रिम मेधा (एआई) को तेजी से अपनाए जाने और मोबाइल, कंप्यूटर/लैपटॉप व अवसंरचना खंडों के मजबूत प्रदर्शन से इस विकास को बल मिला है।
लेनोवो इंडिया के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शैलेंद्र कट्याल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यह प्रदर्शन किसी एक बार के उछाल के बजाय निरंतर बनी रहने वाली मांग को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत में डिजिटलीकरण की व्यापक गति से बेहद उत्साहित हैं। लेनोवो को फोन, कंप्यूटर/लैपटॉप, टैबलेट और अवसंरचना समाधानों के विस्तृत पोर्टफोलियो का लाभ मिल रहा है। प्रौद्योगिकी और विशेष रूप से एआई को तेजी से अपनाए जाने के कारण हमें सभी व्यवसायों में मजबूत गति दिख रही है।’’
इस वृद्धि में मोटोरोला का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसने आईडीसी के आंकड़ों के अनुसार, 2025 की तीसरी तिमाही में भारत में 8.3 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की। इसके अलावा, लेनोवो के मुख्य कंप्यूटर/लैपटॉप व्यवसाय और सर्वर एवं अवसंरचना खंड ने भी इस तिमाही के दौरान दहाई अंकों में सालाना वृद्धि दर्ज की है।
कटयाल ने बताया कि लेनोवो के वैश्विक राजस्व में भारत की हिस्सेदारी लगभग चार प्रतिशत है, जबकि एशिया प्रशांत क्षेत्र के कुल राजस्व में इसका योगदान 24 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत की भूमिका केवल राजस्व तक सीमित नहीं है। यह विनिर्माण, आरएंडडी (अनुसंधान एवं विकास) और एआई प्रतिभा विकास का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। सरकार की पीएलआई (उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन) योजना जैसे कदमों ने इस तंत्र को और मजबूत किया है।’’
लेनोवो 2005 से भारत में विनिर्माण कर रही है और वर्तमान में स्थानीय स्तर पर बेचे जाने वाले अधिकांश उत्पादों (मोटोरोला फोन, लैपटॉप/कंप्युटर, सर्वर और टैबलेट) का निर्माण देश के भीतर ही कर रही है। कंपनी भारतीय केंद्रों से फोन और टैबलेट का निर्यात भी कर रही है।
भाषा अजय सुमित
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