मध्यप्रदेश ने लातिन अमेरिका एवं कैरेबियाई देशों के साथ व्यापार, निवेश बढ़ाने पर दिया जोर
मध्यप्रदेश ने लातिन अमेरिका एवं कैरेबियाई देशों के साथ व्यापार, निवेश बढ़ाने पर दिया जोर
इंदौर, छह जून (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को लातिन अमेरिकी एवं कैरेबियाई देशों के साथ व्यापार और निवेश संबंध मजबूत करने की वकालत करते हुए कहा कि इन देशों को राज्य का निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 19 प्रतिशत बढ़कर लगभग 3,835 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
यादव ने कहा कि दवा, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और लॉजिस्टिक जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित ‘भारत-लातिन अमेरिका एवं कैरेबियाई व्यापार एवं निवेश मंच 2026’ का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है और मध्यप्रदेश इस विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरियां चाहे जितनी भी हों, सांस्कृतिक मूल्य, प्रकृति के प्रति सम्मान, लोक परंपराएं, संगीत और सामाजिक जीवन की अनेक समानताएं भारत और लातिन अमेरिका एवं कैरेबियाई देशों को निकट लाती हैं। ये समानताएं भविष्य के द्विपक्षीय सहयोग की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि वित्त वर्ष 2025-26 में लातिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों को मध्यप्रदेश का निर्यात लगभग 3,835 करोड़ रुपये रहा जो इसके एक साल पहले की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।
यादव ने सम्मेलन में दवा, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, खनन, लॉजिस्टिक, विनिर्माण और पर्यटन के क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी बढ़ाने की व्यापक संभावनाओं पर गौर किए जाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि फिलहाल मध्यप्रदेश से दुनिया भर में हर साल करीब 70,000 करोड़ रुपये का निर्यात होता है और उनकी सरकार दिसंबर 2028 तक इसे बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है।
भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरिला ने उद्घाटन समारोह के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जो महत्वाकांक्षी दृष्टि प्रस्तुत की है, मध्यप्रदेश की उपलब्धियां इसकी उत्तम अभिव्यक्ति हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि मध्यप्रदेश जैसे राज्यों के कारण लातिन अमेरिका व कैरेबियाई देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे तथा निवेश और औद्योगिक सहयोग के नये अवसर विकसित होंगे।
अमरिला ने बताया कि समुद्री बंदरगाहों के जरिये माल की आवाजाही तेज करने के लिए लातिन अमेरिका व कैरेबियाई देशों और भारत के बीच संपर्क मजबूत किया जा रहा है।
सम्मेलन में उरुग्वे, क्यूबा, अल सल्वाडोर, पनामा, गुयाना, ग्वाटेमाला, पेरू और मैक्सिको समेत 15 देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों समेत करीब 300 लोग शामिल हुए जिनमें मध्यप्रदेश के निर्यातक भी शामिल हैं।
सम्मेलन के दौरान मध्यप्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों, औद्योगिक अधोसंरचना और निर्यात क्षमता को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने पेश किया गया।
इस दौरान राज्य सरकार ने लातिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के साथ निर्यात अवसंरचना सहयोग मजबूत करने के लिए कई प्रस्ताव भी रखे।
ये प्रस्ताव निर्यात सुविधा केंद्र और गुणवत्ता परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्रों की स्थापना, निर्यात केंद्रों के उन्नयन, खरीदार-विक्रेता संपर्क बढ़ाने, निर्यात वित्त एवं जोखिम कवरेज उपलब्ध कराने और निर्यातकों के कौशल विकास पर केंद्रित हैं।
भाषा हर्ष रवि कांत प्रेम
प्रेम

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