मारुति सुजुकी 2030-31 तक रेल मार्ग से वाहन भेजने की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत करेगी: सीईओ

मारुति सुजुकी 2030-31 तक रेल मार्ग से वाहन भेजने की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत करेगी: सीईओ

मारुति सुजुकी 2030-31 तक रेल मार्ग से वाहन भेजने की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत करेगी: सीईओ
Modified Date: March 25, 2026 / 11:34 am IST
Published Date: March 25, 2026 11:34 am IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की योजना वित्त वर्ष 2030-31 तक रेल मार्ग से वाहनों की आपूर्ति की हिस्सेदारी बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने की है। वर्तमान में यह हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है।

कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा कि मानेसर संयंत्र के अंदर रेल पटरी सुविधा (इन-प्लांट रेलवे साइडिंग) से जून 2025 में परिचालन शुरू होने के बाद से अब तक एक लाख वाहनों की ढुलाई (डिस्पैच) की जा चुकी है। इससे करीब 16,800 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य उत्सर्जन कम हुआ।

मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा, ‘‘ कैलेंडर वर्ष 2025 में कंपनी ने रेलवे के जरिये 5.85 लाख से अधिक वाहनों की ढुलाई कर रिकॉर्ड बनाया। दिलचस्प बात यह है कि पिछले दशक में हमारी आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स में रेल परिवहन की हिस्सेदारी 2016 के पांच प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 26 प्रतिशत हो गई है।”

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी योजना 2030-31 तक रेल आधारित वाहन ढुलाई की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने की है। यह कुशल और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स विकसित करने तथा भारत के शुद्ध शून्य लक्ष्य में योगदान देने की हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है।’’

कंपनी के अनुसार, मानेसर ‘रेलवे साइडिंग’ भारत में मोटर वाहन क्षेत्र की सबसे बड़ी इकाई के भीतर स्थापित रेलवे सुविधा है। वहीं गुजरात ‘रेलवे साइडिंग’ के बाद यह मोटर वाहन उद्योग तथा कंपनी के लिए दूसरा पीएम गतिशक्ति ‘इन-प्लांट टर्मिनल’ है।

इस ‘रेलवे साइडिंग’ के माध्यम से कंपनी 17 केंद्र के जरिये 380 शहरों तक वाहनों की आपूर्ति कर रही है, जिसके लिए समर्पित ‘हब-एंड-स्पोक मॉडल’ का उपयोग किया जा रहा है।

‘रेलवे साइडिंग’ में ‘हब-एंड-स्पोक मॉडल’ एक केंद्रीकृत माल ढुलाई प्रणाली है। इसमें प्रमुख रेलवे साइडिंग ‘हब’ (केंद्र) के रूप में कार्य करती है, जहां दूर-दराज के स्थानों या छोटे स्टेशन (स्पोक) से माल सड़क मार्ग से लाया जाता है। केंद्र पर माल इकट्ठा कर रेल द्वारा आगे लंबी दूरी के लिए भेजा जाता है। इससे समय और लागत दोनों कम होते हैं।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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