पश्चिम एशिया संघर्ष का ऋण पुनर्भुगतान पर अब तक असर नहींः एक्जिम बैंक एमडी
पश्चिम एशिया संघर्ष का ऋण पुनर्भुगतान पर अब तक असर नहींः एक्जिम बैंक एमडी
मुंबई, 16 अप्रैल (भाषा) इंडिया एक्जिम बैंक की एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का भारतीय कंपनियों के ऋण पुनर्भुगतान पर अब तक कोई असर नहीं पड़ा है।
बैंक की प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी हर्षा बंगारी ने बुधवार को एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा, “दिलचस्प रूप से, पुनर्भुगतान की स्थिति बेहद अच्छी रही है।”
यह बैंक भारतीय व्यापारियों को आयात-निर्यात के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराता है।
बंगारी ने कहा कि पश्चिम एशिया में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी मुख्य रूप से निर्माण एवं अवसंरचना क्षेत्रों में है और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण पिछले एक महीने में उनके कारोबार पर असर पड़ना संभव है। हालांकि, इन कंपनियों की आय के विविध स्रोत होने के कारण उनकी मजबूती बनी हुई है।
बंगारी ने कहा कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा, “गतिविधियों में निश्चित रूप से कमी आई है, जिससे कंपनियों की आय पर असर पड़ सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात के कारण नई परियोजनाओं के ठेके प्रभावित हो सकते हैं और चल रही परियोजनाओं के निष्पादन में देरी हो सकती है।
हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद पुनर्निर्माण कार्यों के चलते भारतीय कंपनियों के लिए बड़े अवसर भी पैदा होंगे।
बंगारी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट आने से एक्जिम बैंक को रुपये में बही-खाता बढ़ाने में मदद मिलेगी, क्योंकि उसका अधिकांश कारोबार डॉलर या अन्य विदेशी मुद्राओं में होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उधारकर्ताओं की प्राथमिकताओं में बदलाव आ सकता है और रुपये में कर्ज लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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