तेल-तिलहन कारोबार में मिला-जुला रुख
तेल-तिलहन कारोबार में मिला-जुला रुख
नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) विदेशों में मिले-जुले रुख के बीच मंगलवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में कारोबार का मिला जुला रुख दिखा। एक ओर जहां सरसों तेल, सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन इंदौर तेल, बिनौला और पामोलीन तेल कीमतों में साधारण गिरावट देखने को मिली, वहीं सरसों तिलहन, मूंगफली तेल- तिलहन, सोयाबीन तिलहन एवं सोयाबीन डीगम तेल और कच्चे पामतेल (सीपीओ) के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
मलेशिया एक्सचेंज में मामूली सुधार है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट का रुख है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में सूरजमुखी, सरसों, मूंगफली, बिनौला, सोयाबीन आदि के तेल खली की कुल खपत सालाना लगभग 140 लाख टन तथा मुर्गीदाने में इस्तेमाल होने वाले डी-आयल्ड केक (डीओसी) की खपत सालाना 100 लाख टन से ज्यादा की है। इन खल और डीओसी के दाम बढ़ने की स्थिति में घर का बजट बिगड़ सकता है।
सूत्रों ने कहा कि हमारे पास जो तेल आयात किये जाते हैं, वह साल्वेंट के खाद्य तेल होते हैं, एक्सपेलर के नहीं। साल्वेंट से हमें डीओसी मिलता है जिसका इस्तेमाल मुर्गीदाने के लिए होता है। इसमें तेल की मात्रा नहीं के बराबर होती है। एक्सपेलर में हमें खल मिलते हैं जो पशु आहार के काम आता है। इस वजह से भी देशी तेल- तिलहनों का खपना और देश में पेराई मिलों का चलना जरूरी है ताकि इनके लिए किसी की बाट ना जोहनी पड़े। खल इतनी मात्रा में आयात के लिए मिलना मुश्किल है और खल एवं डीओसी की हर साल खपत लगभग 10 प्रतिशत बढ़ रही है। सरकार को प्राथमिकता के साथ देशी तेल-तिलहनों का बाजार बनाने की दिशा में काम करना चाहिये।
सूत्रों ने कहा कि जून के महीने में लगभग 7.50 लाख टन सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का आयात हो चुका है, जबकि देश में मासिक आवश्यकता लगभग चार लाख टन की ही है। आयातित सोयाबीन का भाव 90.50 रुपये किलो बैठता है जबकि बंदरगाह पर इस तेल का भाव 85.50 रुपये किलो है। यानी आयात करने में लगभग पांच रुपये किलो का नुकसान है। इसके कारण देशी तेल पेराई मिलें चल नहीं रही हैं, किसानों की उपज रुकी पड़ी है, विदेशी मुद्रा भी खर्च होती है। इस स्थिति को संभालने की ओर सरकार को ध्यान देना होगा नहीं तो किसान बहुत हतोत्साहित होंगे।
मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन – 4,870-4,970 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली – 6,625-6,685 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,550 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,470-2,745 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 9,480 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,605 -1,685 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,605 -1,715 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,280 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,980 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,450 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,480 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,550 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना – 5,265-5,330 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 5,030-5,105 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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