मदर डेयरी का राजस्व बीते वित्त वर्ष 17 प्रतिशत बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये पर

मदर डेयरी का राजस्व बीते वित्त वर्ष 17 प्रतिशत बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये पर

मदर डेयरी का राजस्व बीते वित्त वर्ष 17 प्रतिशत बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये पर
Modified Date: April 22, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: April 22, 2026 8:31 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) मदर डेयरी का कारोबार पिछले वित्त वर्ष में 17 प्रतिशत बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दूध उत्पादों और खाद्यतेल की बेहतर मांग के चलते कंपनी के कारोबार में वृद्धि हुई है।

कंपनी के नए प्रबंध निदेशक, जयतीर्थ चारी ने बुधवार को यह जानकारी दी और बताया कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 20 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में दूध के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में से एक मदर डेयरी, लागत में बढ़ोतरी के बावजूद दूध की कीमतों में किसी भी तरह की वृद्धि पर विचार नहीं कर रही है।

चारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हमारा कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 17 प्रतिशत बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये हो गया। पिछले पांच साल में, कंपनी का कारोबार दोगुना होकर 20,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।’’

वित्तवर्ष 2024-25 में इसका कारोबार 17,500 करोड़ रुपये था।

चारी ने कहा कि कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान मात्रा और मूल्य, दोनों स्तर पर बढ़ोतरी हासिल की। इस सफलता का श्रेय अपने उत्पादों पर ‘उपभोक्ताओं के भरोसे’ को दिया।

कुल कारोबार में से, डेयरी खंड का योगदान 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा, जबकि खाद्यतेल और बागवानी खंड का योगदान लगभग 5,000 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का लगभग 63 प्रतिशत राजस्व दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से आया, और बाकी का राजस्व देश के अन्य हिस्सों से आया।

मूल्यवर्धित डेयरी उत्पादों (23 प्रतिशत से ज्यादा) और खाद्यतेल (25प्रतिशत) ने कारोबार में बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा योगदान दिया। दूध के कारोबार ने उद्योग की वृद्धि को पीछे छोड़ते हुए मात्रा के हिसाब से 11 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की।

चारी ने मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के बारे में कहा कि कंपनी 20 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है।

जब उनसे दूध की कीमतें बढ़ाने की योजनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘‘दूध खरीदने में हमारी लागत बढ़ गई है। पैकेजिंग सामग्री की कीमतें 20 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। हम अभी बढ़ी हुई लागत को खुद ही उठा रहे हैं और फिलहाल कीमतों में किसी भी बढ़ोतरी के बारे में नहीं सोच रहे हैं।’’

उन्होंने यह भी कहा कि गैस और पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है।

नए खंड में उतरने की योजनाओं पर, चारी ने कहा कि कंपनी नए खंड में उतरने के बारे में नहीं सोच रही है, बल्कि उन उत्पाद श्रेणी में अपनी ‘रेंज’ का विस्तार करेगी जिनमें वह पहले से मौजूद है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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