कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेदभावरहित व्यवहार प्रोत्साहित करने की जरूरत: आर्थिक सर्वेक्षण

कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेदभावरहित व्यवहार प्रोत्साहित करने की जरूरत: आर्थिक सर्वेक्षण

कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेदभावरहित व्यवहार प्रोत्साहित करने की जरूरत: आर्थिक सर्वेक्षण
Modified Date: November 29, 2022 / 08:24 pm IST
Published Date: January 29, 2021 2:07 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) संसद में शुक्रवार को पेश आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए वेतन और करियर की प्रगति, बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा लाभ की जरूरत है, ताकि भारत में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जा सके।

आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 के अनुसार 2018-19 में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों उत्पादक आयु (15-59 वर्ष) वर्ग के श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी 26.5 प्रतिशत थी। जबकि पुरुषों के संबंध में यह आंकड़ा 80.3 प्रतिशत था।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में सुझाव दिया गया, ‘‘अधिक महिलाओं को कार्यबल में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सस्ती और अच्छी बाल देखभाल सुविधाओं के लिए संस्थागत निवेश, पितृत्व अवकाश, परिवार के अनुकूल कार्य वातावरण और बुजुर्गों की देखभाल के लिए मदद की जरूरत है।’’

सर्वेक्षण में कहा गया, ‘‘कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए वेतन और करियर की प्रगति, बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा लाभ की जरूरत है।’’

सर्वेक्षण के मुताबिक कि घरेलू कामों में महिलाओं की भागीदारी 2018-19 में ग्रामीण क्षेत्रों में 55.7 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 59.1 प्रतिशत थी।

ऐसा देखा गया है कि एक महिला एक पुरुष की तुलना में अवैतनिक घरेलू सेवाओं और घर के सदस्यों की देखभाल का काम अधिक करती है।

भाषा पाण्डेय मनोहर

मनोहर


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