शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह बीते वित्त वर्ष 5.12 प्रतिशत बढ़कर 23.40 लाख करोड़ रुपये पर

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह बीते वित्त वर्ष 5.12 प्रतिशत बढ़कर 23.40 लाख करोड़ रुपये पर

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह बीते वित्त वर्ष 5.12 प्रतिशत बढ़कर 23.40 लाख करोड़ रुपये पर
Modified Date: May 4, 2026 / 08:56 pm IST
Published Date: May 4, 2026 8:56 pm IST

नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2025-26 में 5.12 प्रतिशत बढ़कर 23.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। हालांकि यह मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए तय संशोधित बजट लक्ष्य से कम है।

वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में सरकार ने प्रत्यक्ष कर संग्रह 24.21 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। इसमें कंपनी कर 11.09 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत आयकर (प्रतिभूति लेनदेन कर सहित) 13.12 लाख करोड़ रुपये शामिल थे।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के आंकड़ों के अनुसार, शुद्ध कंपनी कर संग्रह 10.99 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि व्यक्तिगत आयकर (प्रतिभूति लेनदेन कर सहित) करीब 12.41 लाख करोड़ रुपये रहा।

वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह (कंपनी और गैर-कंपनी कर सहित) 23.40 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2024-25 में संग्रहित 22.26 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 5.12 प्रतिशत अधिक है।

कर वापसी (रिफंड) जारी करने में सालाना आधार पर 1.09 प्रतिशत की कमी आई और यह 2025-26 में 4.71 लाख करोड़ रुपये रहा।

सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह हाल में समाप्त वित्त वर्ष में लगभग 28.12 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2024-25 की तुलना में 4.03 प्रतिशत अधिक है।

भाषा योगेश रमण

रमण


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