दिल्ली-एनसीआर में कार्यालय स्थल की शुद्ध पट्टा गतिविधियों में 60 प्रतिशत की गिरावट: जेएलएल

दिल्ली-एनसीआर में कार्यालय स्थल की शुद्ध पट्टा गतिविधियों में 60 प्रतिशत की गिरावट: जेएलएल

दिल्ली-एनसीआर में कार्यालय स्थल की शुद्ध पट्टा गतिविधियों में 60 प्रतिशत की गिरावट: जेएलएल
Modified Date: May 2, 2026 / 03:10 pm IST
Published Date: May 2, 2026 3:10 pm IST

नयी दिल्ली, दो मई (भाषा) दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का कार्यालयीय बाजार जनवरी-मार्च तिमाही में सुस्त रहा, जहां नए आपूर्ति की कमी के कारण शुद्ध पट्टा गतिविधियां 60 प्रतिशत घटकर 15 लाख वर्ग फुट रह गई। जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी जेएलएल इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में दिल्ली-एनसीआर में कार्यालय स्थानों का सकल पट्टा 28 प्रतिशत घटकर 30 लाख वर्ग फुट रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 42 लाख वर्ग फुट था।

शुद्ध पट्टा (नेट लीजिंग) भी 60 प्रतिशत घटकर 15 लाख वर्ग फुट रह गया, जो एक वर्ष पहले 37 लाख वर्ग फुट था।

सकल पट्टे के अंतर्गत अवधि के दौरान दर्ज सभी पट्टा लेनदेन शामिल होते हैं, जिनमें पूर्व-प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं। इसमें पुरानी लीज का नवीनीकरण शामिल नहीं होता है।

जेएलएल इंडिया ने बताया कि जनवरी-मार्च के दौरान कार्यालय स्थल की नई आपूर्ति पिछले साल के 29 लाख वर्ग फुट की तुलना में घटकर 13.9 लाख वर्ग फुट रह गई। हालांकि, कंपनी का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर के कार्यालय बाजार की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है और आने वाली तिमाहियों में पट्टा गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।

जेएलएल इंडिया के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक (कर्नाटक और केरल) राहुल अरोड़ा ने कहा, ”बाजार की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और अखिल भारतीय स्तर पर रिक्ति दर गिरकर पांच साल के निचले स्तर 14.7 प्रतिशत पर आ गई है।”

उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों द्वारा वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित करने की मांग से बाजार को सहारा मिल रहा है।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय


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