एनएचएआई ने दो राजमार्ग परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए एनएचआईटी का 6,221 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया स्वीकार

एनएचएआई ने दो राजमार्ग परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए एनएचआईटी का 6,221 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया स्वीकार

एनएचएआई ने दो राजमार्ग परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए एनएचआईटी का 6,221 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया स्वीकार
Modified Date: February 17, 2026 / 11:20 am IST
Published Date: February 17, 2026 11:20 am IST

नयी दिल्ली, 17 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के राज्य में फैले 310.35 किलोमीटर लंबे दो राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों के परिसंपत्ति मुद्रीकरण के लिए ‘राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना ट्रस्ट’ (एनएचआईटी) के 6,220.90 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

मुद्रीकृत परिसंपत्तियों में महाराष्ट्र में एनएच-53 का 255.97 किलोमीटर लंबा अमरावती-चिखली-तार्सोद खंड और आंध्र प्रदेश में एनएच-16 का 54.38 किलोमीटर लंबा गुंडुगोलानु-चिन्ना-अवुतापल्ली खंड शामिल हैं।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को कहा, ‘‘ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दो राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों (कुल 310.35 किलोमीटर) के परिसंपत्ति मुद्रीकरण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना न्यास का 6,220.90 करोड़ रुपये का प्रस्ताव स्वीकार किया है।’’

प्राधिकरण के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने कहा, ‘‘ देश भर में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के आगे विकास के लिए वित्तीय पूंजी जुटाने में आईएनवीआईटी (अवसंरचना निवेश ट्रस्ट) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस ठेके के साथ एनएचआईटी के माध्यम से मुद्रीकृत कुल परिसंपत्तियां 49,858 करोड़ रुपये होंगी।’’

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा प्रायोजित एक निवेश (आईएनवीआईटी) राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना ट्रस्ट ने अब तक सीपीपीआईबी, ओटीपीपी, ईपीएफओ, एनएचएआई और एसबीआई समूह जैसे प्रमुख निवेशकों से चार दौर में पूंजी जुटाई हैं। 700 से अधिक निवेशकों के साथ, एनएचआईटी की इकाइयों का वर्तमान बाजार पूंजीकरण लगभग 28,000 करोड़ रुपये है। एनएचआईटी की इकाइयां एनएसई और बीएसई दोनों पर सूचीबद्ध हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा मौजूदा परिसंपत्तियों के मूल्य को बढ़ाने और निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने के प्रयासों में परिसंपत्ति मुद्रीकरण एक रणनीतिक उपकरण के रूप में उभरा है। टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) और अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इनवीआईटी) जैसे मॉडलों का लाभ उठाकर, एनएचएआई ने सफलतापूर्वक धन जुटाया है। इस राशि को नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में पुनर्निवेश किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मुद्रीकृत राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों की कुल राशि लगभग 28,077 करोड़ रुपये है।

राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों की गुणवत्ता एवं दीर्घावधि में वृद्धि के लिए यह दृष्टिकोण न केवल वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करता है बल्कि निजी क्षेत्र की कार्यकुशलता तथा उन्नत प्रौद्योगिकियों को भी शामिल करता है।

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