एनएचएआई उन्नत प्रौद्योगिकी से 1033 राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन का करेगा कायाकल्प

एनएचएआई उन्नत प्रौद्योगिकी से 1033 राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन का करेगा कायाकल्प

एनएचएआई उन्नत प्रौद्योगिकी से 1033 राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन का करेगा कायाकल्प
Modified Date: September 14, 2026 / 06:29 pm IST
Published Date: September 14, 2026 6:29 pm IST

नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सोमवार को कहा कि वह राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को तेजी से और बेहतर सहायता उपलब्ध कराने के लिए अपनी मौजूदा ‘1033’ राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन को उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ ‘अपग्रेड’ करने की योजना बना रहा है।

सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसी ने बयान में कहा कि अद्यतन की गई 1033 हेल्पलाइन में कृत्रिम मेधा (एआई), स्थान की तत्काल निगरानी और स्मार्ट आपातकालीन-प्रतिक्रिया प्रणालियों जैसी प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जाएगा।

बयान में कहा गया कि इन सुधारों से 1033 हेल्पलाइन को फोन करने वालों के सटीक स्थान की पहचान करने, विभिन्न भारतीय भाषाओं में कॉल को समझने और अधिक तेजी से सही सहायता भेजने में मदद मिलेगी।

एनएचएआई ने कहा कि मानव परिचालक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेंगे, विशेष रूप से आपातकालीन स्थितियों में जहां मानवीय निर्णय और सूझबूझ की जरूरत होती है।

एनएचएआई के अनुसार, अगली पीढ़ी का 1033 मंच कॉल प्राप्त करने, तेजी से सहायता देने, जरूरी स्थान पर मदद भेजने और आपातकालीन टीमों को मौके पर पहुंचाने के लिए कॉल करने वाले के सटीक स्थान को तत्काल में दर्ज करने जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि 1033 हेल्पलाइन वर्ष 2018 में शुरू की गई थी और यह सात दिन 24 घंटे उपलब्ध रहती है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को चिकित्सा आपात स्थिति, वाहन खराब होने, एम्बुलेंस, क्रेन और गश्ती वाहनों से सहायता प्रदान करने में मदद करती है।

इस समय यह हेल्पलाइन 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों पर सेवाएं देती है और इस पर प्रतिदिन लगभग 15,000 कॉल आती हैं। यह कई भाषाओं में सहायता भी देती है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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