सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की कोई योजना नहीं: केरल मुख्यमंत्री

सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की कोई योजना नहीं: केरल मुख्यमंत्री

सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की कोई योजना नहीं: केरल मुख्यमंत्री
Modified Date: June 19, 2026 / 03:23 pm IST
Published Date: June 19, 2026 3:23 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 19 जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण की कोई योजना नहीं है, लेकिन सरकार ऐसे उपक्रमों को पुनर्जीवित करने के मकसद से निजी निवेश लाने के पक्ष में है।

सतीशन ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का संशोधित बजट प्रस्तुत करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में उन खबरों और आरोपों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण करना चाहती है तथा विभिन्न संस्थानों को बेचने की तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भारी कर्ज के बोझ से जूझ रही है और उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे हालात में सार्वजनिक क्षेत्र में कोई नयी पहल कैसे शुरू की जा सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या हम राज्य में निवेश नहीं चाहते? देश के सभी राज्य निवेश आकर्षित करने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। फिर यहां ऐसा क्यों नहीं होना चाहिए? हमारी नीति निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की है। तभी हम अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बना सकेंगे।’’

हालांकि उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण संबंधी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘किस क्षेत्र का निजीकरण किया गया है? क्या केएसआरटीसी या जल प्राधिकरण का निजीकरण हुआ है? किसी भी क्षेत्र का निजीकरण नहीं किया गया है और न ही ऐसी कोई घोषणा की गई है।’’

भाषा यासिर रमण

रमण


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