Maulana Sajjad Nomani Video: मौलाना का दावा, ‘भारत में अब हिन्दू बहुसंख्यक नहीं है.. एसटी-एससी और तमिलनाडु के लोगों को हिन्दू मानने से किया इंकार, खुद सुनें
Maulana Sajjad Nomani Statement on Hindu Community: मौलाना सज्जाद नोमानी के बयान पर विवाद, हिंदुओं को अल्पसंख्यक बताने और कई समुदायों को अलग मानने का दावा।
Maulana Sajjad Nomani Statement on Hindu Community || Image- Millat Times File
- सज्जाद नोमानी ने हिंदुओं को अल्पसंख्यक बताया।
- एससी, एसटी और लिंगायतों को अलग पहचान बताया।
- बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज।
नई दिल्ली: सज्जाद नोमानी के सदस्य मौलाना सज्जाद नोमानी के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। नोमानी ने दावा किया है कि यदि देश के विभिन्न समुदायों और जातीय समूहों को अलग-अलग माना जाए, तो हिंदू भारत में बहुसंख्यक नहीं बल्कि अल्पसंख्यक हैं। (Maulana Sajjad Nomani Statement on Hindu Community) मौलाना नोमानी ने कहा कि उन्होंने पिछले 30 वर्षों में पूरे देश का दौरा किया है और लोगों की आस्था, धार्मिक पहचान, जनजातीय पहचान, जातीय समूहों और विभिन्न परंपराओं पर अध्ययन किया है। इसी आधार पर उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
“हिंदुओं को बहुसंख्यक नहीं माना जा सकता”
नोमानी ने कहा, “मैं हज्र-ए-अस्वद और काबा के गिलाफ पर हाथ रखकर कहता हूं कि हिंदू भारत में अल्पसंख्यक हैं। किसी भी परिस्थिति में हिंदुओं को बहुसंख्यक नहीं माना जा सकता।” उन्होंने दावा किया कि जिन समुदायों को आमतौर पर हिंदू आबादी में शामिल किया जाता है, उनमें से कई स्वयं को अलग पहचान के रूप में देखते हैं। उनके अनुसार सिख, ईसाई और बौद्ध समुदाय हिंदू नहीं हैं।
कई समुदायों को हिंदू आबादी से अलग बताया
मौलाना नोमानी ने आगे कहा कि अनुसूचित जाति, आदिवासी समुदाय, तमिलनाडु के लोग और लिंगायत समुदाय को भी हिंदू आबादी का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय देश के मूल निवासी हैं और उन्हें हिंदू श्रेणी में शामिल करना उचित नहीं है। (Maulana Sajjad Nomani Statement on Hindu Community) उन्होंने यह भी दावा किया कि जाट समुदाय के कुछ लोग भी अपनी अलग पहचान की बात कर रहे हैं और स्वयं को हिंदू नहीं मानते।
सियासी बंटवारे पर भी कही ये बात
अपने संबोधन के दौरान नोमानी ने हिंदुओं के राजनीतिक विभाजन और मुस्लिम राजनीति पर उसके प्रभाव को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने हिंदुओं को “सेक्युलर” और “फासीवादी” वर्गों में बांटकर देखा, लेकिन दोनों ही परिस्थितियां मुस्लिम समाज के लिए नुकसानदेह साबित हुईं। उन्होंने कहा कि पहले मुस्लिम समाज को तथाकथित “सेक्युलर हिंदुओं” से उम्मीद थी, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि उन्हीं समूहों ने देश को उन लोगों के हाथों में सौंप दिया जिन्हें वह “फासीवादी हिंदू” कहते हैं।
Maulana At Islamic Summit in India 🇮🇳
“I am doing a lot of research”
“JAATs are now saying they are Not Hindus. We divided Hindus into Secular and Communal. Hindus are no more in Majority”
“SC + Tribals+ Tamils + Lingayats = are Non Hindus”
pic.twitter.com/cKycu94dnv— News Algebra (@NewsAlgebraIND) June 18, 2026
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
बयान मूर्खतापूर्ण : कांग्रेस
एआईएमपीएलबी सदस्य मौलाना सज्जाद नोमानी के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होनें कहा, “कुछ लोग टीवी पर आने के लिए इतने जुनूनी हैं कि वे इस तरह के गैरजिम्मेदाराना और मूर्खतापूर्ण बयान देते रहते हैं। हमारा स्पष्ट रुख यह है कि देश में जनसंख्या गणना की जा रही है, जिसमें जाति और धर्म के आधार पर आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। आधिकारिक तौर पर उपलब्ध होने के बाद इस प्रक्रिया के निष्कर्षों और परिणामों के आधार पर ही चर्चा की जानी चाहिए।”
Lucknow, Uttar Pradesh: On AIMPLB member Maulana Sajjad Nomani’s remark that Hindus should not be considered a majority in India, Congress spokesperson Surendra Rajput says, “Some people are obsessed with appearing on television and therefore keep making such irresponsible and… pic.twitter.com/29J9pJgHvw
— IANS (@ians_india) June 19, 2026
इन्हें भी पढ़ें:
प्रसूताओं की मौत के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो: अशोक गहलोत
राम मंदिर की एसआईटी जांच ”दूध का दूध” और ”पानी का पानी” कर देगी : योगी आदित्यनाथ
अगरवाला और ईएफआई ने एशियाई खेलों की चयन प्रक्रिया को लेकर एक दूसरे पर आरोप लगाए
सरकारी कर्मचारियों के लिए योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होना जरूरी नहीं है: पश्चिम बंगाल सरकार
दलित युवक की कथित तौर पर हिरासत में हुयी मौत मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

Facebook


