भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली विदेशी कंपनियों पर कोई कर जोखिम नहीं: वित्त मंत्रालय सूत्र

भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली विदेशी कंपनियों पर कोई कर जोखिम नहीं: वित्त मंत्रालय सूत्र

भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली विदेशी कंपनियों पर कोई कर जोखिम नहीं: वित्त मंत्रालय सूत्र
Modified Date: February 4, 2026 / 02:06 pm IST
Published Date: February 4, 2026 2:06 pm IST

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) वैश्विक स्तर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल की कर छूट देने का बजट प्रस्ताव केवल उन्हीं कंपनियों पर लागू होगा, जिन्होंने भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से अधिसूचित डेटा सेंटर स्थापित किया है। ऐसे मामलों में इन विदेशी कंपनियों की वैश्विक आय पर भारत में कर लगाए जाने का कोई जोखिम नहीं होगा। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने कहा कि बजट की यह घोषणा उन विदेशी कंपनियों को भी निश्चितता प्रदान करेगी, जो भारत में डेटा सेंटर से क्लाउड सेवाएं और खरीद सेवाएं प्राप्त करने के कारोबार में हैं।

सूत्रों ने कहा, ‘‘ अब भारतीय डेटा सेंटर वैश्विक क्लाउड इकाइयों को आत्मविश्वास के साथ अपनी सेवाएं दे सकते हैं क्योंकि इन वैश्विक इकाइयों को भारतीय डेटा सेंटर का उपयोग करने पर किसी कर जोखिम की आशंका नहीं रहेगी।’’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 2026-27 के बजट में घोषणा की थी कि जो भी विदेशी कंपनी भारत से डेटा सेंटर सेवाओं का उपयोग कर वैश्विक ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करती है, उसे 2047 तक कर छूट दी जाएगी। हालांकि, ऐसी कंपनियों को भारतीय ग्राहकों को सेवाएं एक भारतीय ‘रीसेलर’ इकाई के माध्यम से देनी होंगी।

यह बजट प्रस्ताव डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाया गया है।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, ‘‘ इस आधार पर विदेशी कंपनियों की वैश्विक आय पर भारत में कर लगाए जाने का कोई जोखिम नहीं होगा।’’

प्रस्ताव को स्पष्ट करते हुए सूत्रों ने बताया कि कर छूट का लाभ उठाने के लिए विदेशी कंपनी को चार आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी। पहली शर्त यह है कि विदेशी कंपनी अधिसूचित हो।

कंपनी अधिनियम के अनुसार, विदेशी कंपनियां वे होती हैं जिनका गठन भारत के बाहर हुआ हो और जिनका भारत में व्यवसाय स्थल हो। ये कंपनियां विदेशी पूंजी से स्थापित होती हैं। 2020 से 2024 के बीच विभिन्न क्षेत्रों की करीब 350 विदेशी कंपनियों ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में पंजीकरण कराया है।

दूसरी शर्त यह है कि भारत में जिस डेटा सेंटर कंपनी से सेवाएं ली जा रही हैं, वह एक भारतीय कंपनी हो। तीसरी शर्त यह है कि डेटा सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अधिसूचित हो। विदेशी कंपनी का भारतीय उपयोगकर्ताओं को सेवाएं एक भारतीय ‘रीसेलर’ इकाई (जो कि एक भारतीय कंपनी हो) के माध्यम से प्रदान करना चौथी शर्त है।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि घरेलू आर्थिक गतिविधियों से होने वाली आय पर लाभ यानी , निवासी डेटा सेंटर द्वारा वैश्विक इकाई को दी गई डेटा सेंटर सेवाएं और निवासी ‘रीसेलर’ इकाई द्वारा भारतीय ग्राहकों को क्लाउड सेवाओं की ‘रीसेल’ अन्य घरेलू कंपनियों की तरह ही कर योग्य रहेगा।

भारतीय डेटा सेंटर विदेशी कंपनी की संबद्ध इकाई (कॉस्ट-प्लस सेंटर) हालांकि जहां है, वहां 15 प्रतिशत का सुरक्षित मुनाफा (सेफ हार्बर) उपलब्ध कराया गया है।

सूत्रों के अनुसार, विदेशी क्लाउड सेवा इकाइयों के लिए कर उपचार समान रहेगा, चाहे डेटा सेंटर भारतीय स्वामित्व का हो या वैश्विक इकाई की अनुषंगी कंपनी हो। इस प्रकार पूरी तरह समान प्रतिस्पर्धात्मक माहौल सुनिश्चित किया गया है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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