एनएसई का 30,000 करोड़ रुपये का आईपीओ सितंबर तक लाने की योजना
एनएसई का 30,000 करोड़ रुपये का आईपीओ सितंबर तक लाने की योजना
नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) करीब 30,000 करोड़ रुपये के आकार वाला अपना बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) इस वर्ष सितंबर में लाने की तैयारी कर रहा है। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इस आईपीओ के आने के साथ देश के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई का मूल्यांकन पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाने का अनुमान है।
आईपीओ के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए एनएसई जल्द ही प्रचार अभियान शुरू करने जा रहा है।
निर्गम के सफल रहने की स्थिति में यह अक्टूबर, 2024 में आए हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के निर्गम के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है।
सेबी के समक्ष पेश मसौदा दस्तावेज के मुताबिक, एनएसई का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा, जिसमें 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। इस निर्गम के जरिए शेयरधारक सामूहिक रूप से करीब छह प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेंगे। एनएसई के करीब 1.8 लाख शेयरधारक हैं।
इसके शेयरधारकों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) लगभग 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा, जबकि एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयर बेचेगी। अन्य विक्रेता शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।
हालांकि, एनएसई में सबसे अधिक 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) इस निर्गम में भाग नहीं लेगी।
एनएसई के निदेशक मंडल ने छह फरवरी को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद आईपीओ को मंजूरी दी थी।
एनएसई ने पहली बार वर्ष 2016 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ के दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन उस समय कामकाज के संचालन और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण सेबी ने मंजूरी नहीं दी थी।
भाषा यासिर यासिर प्रेम
प्रेम

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