नुमालीगढ़ रिफाइनरी विस्तार परियोजना की लागत बढ़कर 34,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान
नुमालीगढ़ रिफाइनरी विस्तार परियोजना की लागत बढ़कर 34,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान
(त्रिदीप लहकर)
नुमालीगढ़ (असम), 24 फरवरी (भाषा) नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड की क्षमता को तीन गुना करने की परियोजना की लागत लगभग 5,900 करोड़ रुपये बढ़कर करीब 34,000 करोड़ रुपये हो सकती है। कंपनी के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े रिफाइनर ने नुमालीगढ़ रिफाइनरी विस्तार परियोजना (एनआरईपी) के लिए बजट को मौजूदा 28,026 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 33,901 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। यह प्रस्ताव सार्वजनिक निवेश बोर्ड (पीआईबी) के समक्ष ‘‘विचाराधीन’’ है।
असम के गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में मौजूद रिफाइनर की क्षमता बढ़ाने की परियोजना के दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके तहत क्षमता को 30 लाख टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) से बढ़ाकर 90 एमएमटीपीए किया जा रहा है।
एनआरएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ विस्तार परियोजना पर काम तेजी से जारी है। हम कह सकते हैं कि कुल काम का लगभग 85 प्रतिशत भाग पूरा हो चुका है और हमने अब तक लगभग 27,601 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘ परियोजना के लिए स्वीकृत बढ़ा 28,026 करोड़ रुपये था। हालांकि, अब लागत को फिर से बढ़ाकर 33,901 करोड़ रुपये कर दिया गया है। व्यय बढ़ाने का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) को भेजा गया है।’’
संपर्क किए जाने पर एनआरईपी के महाप्रबंधक (परियोजना) प्रांजल पाठक ने कहा कि रिफाइनरी ने बजट वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है और यह सार्वजनिक निवेश बोर्ड (पीआईबी) के समक्ष ‘‘विचाराधीन’’ है।
एनआरएल में, ऑयल इंडिया की 69.63 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि असम सरकार और इंजीनियर्स इंडिया की क्रमशः 26 प्रतिशत और 4.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
कंपनी की वर्तमान अधिकृत पूंजी 5,000 करोड़ रुपये है और इसकी चुकता पूंजी 1,759 करोड़ रुपये है।
भाषा राजेश राजेश निहारिका
निहारिका

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