तेल कंपनी अरामको का पहली तिमाही में लाभ 25 प्रतिशत बढ़ा;होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्यात हटाने का असर
तेल कंपनी अरामको का पहली तिमाही में लाभ 25 प्रतिशत बढ़ा;होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्यात हटाने का असर
रियाद, 11 मई (एपी) दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के पहली तिमाही के लाभ में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ईरान युद्ध के कारण तेल आपूर्ति में बाधा और कीमतों में बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह रही।
धहरान (सऊदी अरब) स्थित अरामको ने बताया कि उसने युद्ध से प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य से बचने के लिए अपना कुछ तेल निर्यात पाइपलाइन के जरिये करने में सफलता पाई।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत रविवार को 2.58 प्रतिशत बढ़कर 103.91 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। यह युद्ध के दौरान 119 डॉलर प्रति बैरल से उच्च स्तर से कम है, लेकिन फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने से पहले के करीब 70 डॉलर के स्तर से काफी अधिक है।
अरामको के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमीन नासिर ने कहा कि कंपनी की ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ (जो सऊदी अरब के पूर्वी तेल क्षेत्रों से लाल सागर तक जाती है) अब प्रतिदिन 70 लाख बैरल तेल की अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही है।
नासिर ने कहा कि यह पाइपलाइन ‘‘वैश्विक ऊर्जा झटके के प्रभाव को कम करने और ग्राहकों को राहत देने में मदद कर रही है।’’
अरामको के सामान्य उत्पादन का हालांकि यह केवल एक हिस्सा है। मिसाल के तौर पर कंपनी ने 2025 की चौथी तिमाही में प्रतिदिन 1.11 करोड़ बैरल तेल का उत्पादन किया था।
अरामको ने 31 मार्च को समाप्त तिमाही के लिए 32.5 अरब अमेरिकी डॉलर का लाभ दर्ज किया जो एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी का 2025 में वार्षिक लाभ 12 प्रतिशत घटा था।
युद्ध से पहले, वैश्विक स्तर पर व्यापार होने वाले लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन प्रतिदिन इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होता था। साथ ही प्राकृतिक गैस, उर्वरक एवं अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की भी बड़ी आपूर्ति इसी मार्ग से गुजरती थी।
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में व्यवधान उत्पन्न किया, जिससे तेल आपूर्ति प्रभावित हुई। पिछले महीने क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों ने इसके उपयोग को और जटिल बना दिया।
नासिर ने कहा, ‘‘ हाल की घटनाओं ने स्पष्ट रूप से ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेल एवं गैस के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया है और यह याद दिलाया है कि विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति कितनी आवश्यक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इन चुनौतियों के बावजूद अरामको अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं पर केंद्रित है। व्यवधान से निपटने के लिए अपने घरेलू बुनियादी ढांचे और वैश्विक नेटवर्क का उपयोग कर रही है।’’
एपी निहारिका मनीषा
मनीषा

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