कच्चे तेल के उत्पादन बढ़ने से ऑयल इंडिया का चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 62 प्रतिशत बढ़ा

कच्चे तेल के उत्पादन बढ़ने से ऑयल इंडिया का चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 62 प्रतिशत बढ़ा

कच्चे तेल के उत्पादन बढ़ने से ऑयल इंडिया का चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 62 प्रतिशत बढ़ा
Modified Date: May 13, 2026 / 07:45 pm IST
Published Date: May 13, 2026 7:45 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी ऑयल इंडिया लि. (ओआईएल) का कच्चे तेल के उत्पादन में वृद्धि और बेहतर कीमत मिलने से वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 62 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,424 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 1,497 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में ऑयल इंडिया का एकीकृत शुद्ध लाभ बढ़कर 7,551 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 7,040 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने कहा कि चौथी तिमाही में लाभ बढ़ने की मुख्य वजह कच्चे तेल के उत्पादन में छह प्रतिशत की वृद्धि और बेहतर मूल्य प्राप्ति रही। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी को कच्चे तेल का औसत मूल्य 77.89 डॉलर प्रति बैरल मिला, जबकि एक वर्ष पहले की समान अवधि में यह 74.46 डॉलर प्रति बैरल था।

कंपनी के निदेशक मंडल ने एक रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी चालू वित्त वर्ष के दौरान पहले ही कुल 10.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दे चुकी है।

ऑयल इंडिया ने कहा कि उसके पुराने तेल क्षेत्रों से कच्चे तेल का उत्पादन जनवरी- मार्च तिमाही में बढ़कर 8.91 लाख टन हो गया, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 8.44 लाख टन था।

कंपनी ने यह भी कहा कि उसने पिछले एक दशक का सर्वाधिक दैनिक कच्चा तेल उत्पादन दर्ज किया और वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रिकॉर्ड 74 कुओं की खुदाई की।

कंपनी की अनुषंगी नुमालीगढ़ रिफाइनरी का लाभ भी वित्त वर्ष 2025-26 में 90 प्रतिशत बढ़कर 3,057 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान उसका सकल रिफाइनिंग मार्जिन 13.43 डॉलर प्रति बैरल रहा।

कंपनी ने कहा, “ऑयल इंडिया ने 10,566 टन कच्चे तेल का सर्वाधिक दैनिक उत्पादन हासिल किया, जो पिछले एक दशक का उच्चतम स्तर है।”

भाषा योगेश अजय

अजय


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