वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की किल्लत पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने समिति बनाई
वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की किल्लत पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने समिति बनाई
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की अचानक किल्लत होने से होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है।
एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने मंगलवार को बताया कि यह समिति विभिन्न शहरों में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी की शिकायतों की समीक्षा करेगी और होटल और रेस्तरांओं की वास्तविक जरूरतों के अनुसार ईंधन उपलब्ध कराएगी।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है। हम परिवारों की सभी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर रहे हैं।’’
हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान आया है। फिलहाल उद्योगों और व्यावसायिक ग्राहकों को एलपीजी की आपूर्ति सीमित है। इसी वजह से होटल और रेस्तरां, जो घरेलू रसोई के लिए सस्ते 14.2 किलो लाल सिलेंडर के बजाय महंगे 19 किलो के नीले सिलेंडर खरीदते हैं, बंद होने की चेतावनी दे रहे हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘कल शाम से वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति में दिक्कत की शिकायतें आने लगीं। हमने तीन सदस्यों की एक समिति बनाई है जो हर मामले की समीक्षा करेगी और वास्तविक जरूरत के अनुसार एलपीजी उपलब्ध कराएगी।’’
पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि परिवारों के अलावा अन्य क्षेत्रों को एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चत करने के लिए पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की समिति बनाई गई है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने सोशल मीडिया पर एक अलग पोस्ट में कहा, ‘‘परिवारों को आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ, आवश्यक अन्य क्षेत्रों जैसे अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान आदि को भी जरूरत के अनुसार एलपीजी उपलब्ध कराना तय किया गया है।’’
अधिकारी ने कहा कि कोई भी वाणिज्यिक एलपीजी चाहता है, वह समिति से संपर्क कर सकता है। समिति हर मामले की समीक्षा करेगी और वास्तविक जरूरत पूरी करने की पूरी कोशिश करेगी।
उन्होंने बताया कि चूंकि गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति आयातित उत्पादों पर निर्भर करती है, इसलिए समिति हर शिकायत का समाधान नहीं कर पाएगी। अनुरोधों को उनके महत्व, उत्पाद की उपलब्धता और स्थिति के अनुरूप पूरा किया जाएगा।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत में ऊर्जा आयात विभिन्न स्रोतों और मार्गों से लगातार आ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई कमी नहीं है, घबराने की जरूरत नहीं।’’
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत की एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है।
सरकार ने घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है, जिससे बाजार मूल्य पर मिलने वाले वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति होटल और रेस्तरां तक नहीं पहुंच पा रही।
भारत में सालाना लगभग 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है। इसका 87 प्रतिशत घरेलू रसोई में इस्तेमाल होता है और बाकी 13 प्रतिशत होटल और रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक स्थानों में जाता है। कुल जरूरत का लगभग 62 प्रतिशत आयात से पूरा होता है।
मंत्रालय का कहना है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हाल के दिनों में पेट्रोलियम रिफाइनरियों को पेट्रोरसायन उत्पादन घटाकर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रालय ने कहा, ‘मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम उठाए गए हैं। साथ ही एलपीजी सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच का अंतराल भी 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके।’
भाषा योगेश अजय
अजय

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