बिजली मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति के मसौदा पर सुझाव देने की समयसीमा बढ़ाकर 19 मार्च की

बिजली मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति के मसौदा पर सुझाव देने की समयसीमा बढ़ाकर 19 मार्च की

बिजली मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति के मसौदा पर सुझाव देने की समयसीमा बढ़ाकर 19 मार्च की
Modified Date: March 3, 2026 / 05:10 pm IST
Published Date: March 3, 2026 5:10 pm IST

नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) बिजली मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति-2026 के मसौदे पर संबंधित पक्षों से सुझाव आमंत्रित करने की समयसीमा एक माह बढ़ाकर 19 मार्च तक कर दी है।

मंत्रालय ने 25 फरवरी को जारी एक अधिसूचना में कहा कि कई पक्षों ने विद्युत नीति के मसौदे के प्रावधानों पर गौर करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। उनके अनुरोध पर यह समयसीमा बढ़ाई गई है।

इससे पहले, टिप्पणियां और सुझाव देने की अंतिम तिथि 19 फरवरी थी।

राष्ट्रीय विद्युत नीति (एनईपी) 2026 का उद्देश्य वितरण कंपनियों के उच्च घाटे और ऋण, शुल्क के लागत के अनुरूप न होने और एक की कीमत पर दूसरे को सब्सिडी जैसी समस्याओं का समाधान करना है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नीति का मसौदा प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, परिवर्तनशील नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी को एकीकृत करने के लिए ग्रिड की मजबूती सुनिश्चित करने और मांग-पक्ष हस्तक्षेपों के साथ उपभोक्ता-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने का भी प्रयास करता है।

मंत्रालय ने पहले कहा था कि 2005 से कई उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद यह सुधार किया जा रहा है। बिजली क्षेत्र खासकर वितरण क्षेत्र में अभी भी चुनौतियां हैं।

भाषा रमण अजय

अजय


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