आयातित खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
आयातित खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) आवक की कमी और उपलब्धता कम रहने से देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन तेल-तिलहन, गर्म मौसम की शुरुआत के साथ मांग बढ़ने की उम्मीद से पाम-पामोलीन जैसे आयातित खाद्य तेलों के दाम मजबूत बंद हुए। कम आवक के कारण बिनौला तेल में भी तेजी रही। दूसरी ओर, गर्मी में मांग कमजोर पड़ने से मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में गिरावट देखी गई। नई फसल की आवक के साथ कामकाज सुस्त रहने के बीच सरसों तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।
मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार का रुख है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि पश्चिम एशिया में ईरान तथा इजराइल एवं अमेरिका के बीच युद्ध भड़कने के कारण भी आपूर्ति की दिक्कत बढ़ी है। आयातित तेलों में सुधार का यह भी एक महत्वपूर्ण कारण है।
सूत्रों ने कहा कि सरसों की नई फसल की आवक बढ़ने के साथ इसके हाजिर बाजार का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे है। इस स्थिति के बीच सरसों तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे। यह मौका है कि आगे बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति आने से बचने के लिए सरकार सरसों का स्टॉक खरीदकर जमा कर ले। हरियाणा सरकार ने 28 मार्च से एमएसपी पर सरसों की खरीद करने का ऐलान किया है जो स्वागतयोग्य कदम है।
उन्होंने कहा कि ईरान तथा अमेरिका एवं इजराइल के बीच युद्ध की वजह से विदेशों से आपूर्ति प्रभावित रहने के बीच बाजार में उपलब्धता कम होने से सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में सुधार है। महाराष्ट्र में सोयाबीन प्लांट वाले दो तीन महीने आगे के सौदे ऊंचे दाम पर खरीद रहे हैं। सरकार को सोयाबीन का स्टॉक बना के रखना चाहिये और बिजाई के बाद नेफेड के मार्फत इसकी बिक्री करने के बारे में सोचना चाहिये।
इसी प्रकार, मलेशिया एक्सचेंज के सुधार तथा मौसम गर्म होने के बाद मांग सुधरने की उम्मीद से पाम-पामोलीन तेल कीमतों में भी मजबूती रही।
सूत्रों ने कहा कि सप्ताहांत की लंबी छुट्टियों के बाद भी मंडियों में कपास नरमा की आवक एक लाख गांठ से भी कम रही। उपलब्धता कम होने वजह से बिनौला तेल के दाम भी सुधार दर्शाते बंद हुए।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में मांग कमजोर रहने से मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में गिरावट रही।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन – 6,525-6,550 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली – 6,975-7,450 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,665-2,965 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,300-2,400 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,300-2,445 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 12,050 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,400 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,800 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना – 5,500-5,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 5,100-5,150 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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