निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय 2026-27 में 16.5 प्रतिशत घटकर 9.55 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान

निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय 2026-27 में 16.5 प्रतिशत घटकर 9.55 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान

निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय 2026-27 में 16.5 प्रतिशत घटकर 9.55 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान
Modified Date: March 24, 2026 / 06:36 pm IST
Published Date: March 24, 2026 6:36 pm IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) निजी क्षेत्र का नई संपत्तियों के अधिग्रहण पर पूंजीगत व्यय 2026-27 में 16.5 प्रतिशत घटकर 9.55 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सरकार के एक सर्वेक्षण में यह कहा गया है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सर्वेक्षण के अनुसार, 2025-26 में नई संपत्तियों के अधिग्रहण पर अस्थायी रूप से कुल पूंजीगत व्यय 11.43 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है।

सर्वेक्षण में शामिल 5,366 कार्यरत उद्यमों में से 4,203 (लगभग 78.3 प्रतिशत) ने अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए अपनी पूंजीगत व्यय निवेश योजनाओं की जानकारी दी। 7,486 उद्यमों से प्रतिक्रियाएं मांगी गईं। इनमें जनगणना क्षेत्र के 5,795 उद्यम और नमूना क्षेत्र के 1,691 उद्यम शामिल थे।

इसमें कहा गया है कि उद्यम आमतौर पर आने वाले वर्ष के लिए ऐसे अनुमानों की रिपोर्टिंग में रूढ़िवादी दृष्टिकोण अपनाते हैं।

सर्वेक्षण के अनुसार, 2024-25 के दौरान प्रति उद्यम वास्तविक पूंजीगत व्यय 173.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि अनुमानित पूंजीगत व्यय 180.2 करोड़ रुपये था। इसके परिणामस्वरूप कुल प्राप्ति अनुपात 96.3 प्रतिशत रहा।

इससे पता चलता है कि उद्यमों के समूह के लिए वास्तविक व्यय मोटे तौर पर निवेश योजनाओं के अनुरूप था।

सर्वेक्षण के अनुमानों के अनुसार, 2025-26 के दौरान लगभग 48.63 प्रतिशत उद्यमों की निवेश रणनीति मुख्य परिसंपत्तियों पर केंद्रित थी, जबकि 38.36 प्रतिशत ने मौजूदा परिसंपत्तियों में मूल्यवर्धन के लिए निवेश की योजना बनाई।

लगभग 14.54 प्रतिशत ने अवसर के आधार पर परिसंपत्तियों में निवेश किया, चार प्रतिशत से कम ने ऋण संबंधी रणनीतियों का पालन किया और लगभग 1.0 प्रतिशत ने संकटग्रस्त परिसंपत्तियों या गैर-निष्पादित ऋणों से संबंधित रणनीतियों को अपनाया।

इसके अतिरिक्त, 20.15 प्रतिशत उद्यमों ने सूचीबद्ध विकल्पों में से किसी विशिष्ट निवेश रणनीति की जानकारी नहीं दी।

सर्वेक्षण से पता चला कि 2025-26 के दौरान, निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के लगभग 60.13 प्रतिशत उद्यमों ने मुख्य रूप से आय सृजन के उद्देश्य से पूंजीगत व्यय किया, जबकि 42.12 प्रतिशत ने मौजूदा क्षमता के उन्नयन के लिए पूंजीगत व्यय की जानकारी दी।

लगभग 7.2 प्रतिशत उद्यमों ने विविधीकरण के उद्देश्य से पूंजीगत व्यय किया और लगभग 17.64 प्रतिशत ने अन्य कारणों की जानकारी दी।

सर्वेक्षण के अनुसार, 2025-26 के दौरान निजी कॉरपोरेट क्षेत्र में पूंजीगत व्यय वित्तपोषण का प्राथमिक स्रोत आंतरिक आय है। यह कुल निवेश का 65.35 प्रतिशत है।

घरेलू ऋण दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है, जिसका योगदान 23.25 प्रतिशत है। इसके बाद देश के भीतर जुटाई गई इक्विटी का योगदान 3.78 प्रतिशत है।

इसमें कहा गया है कि बाहरी स्रोतों की भूमिका अपेक्षाकृत कम है। पूंजीगत व्यय का 1.04 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के माध्यम से और 2.38 प्रतिशत विदेशी ऋण के माध्यम से आया।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के उद्यमों की पूंजीगत व्यय योजनाओं पर जानकारी एकत्र करने के लिए नवंबर, 2024 से जनवरी, 2025 के दौरान इस प्रकार का पहला सर्वेक्षण आयोजित किया।

इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए, सर्वेक्षण का वर्तमान चरण अक्टूबर-दिसंबर, 2025 के दौरान आयोजित किया गया।

भाषा रमण अजय

अजय


लेखक के बारे में