सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पहली तिमाही में कर्ज में अच्छी वृद्धि, जमा की रफ्तार धीमी
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पहली तिमाही में कर्ज में अच्छी वृद्धि, जमा की रफ्तार धीमी
मुंबई, पांच जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत शुरुआत की। कर्ज में दहाई अंक में वृद्धि हुई जबकि जमा जुटाने की गति ऋण में हुई बढ़ोतरी के मुकाबले धीमी रही।
कम लागत वाले चालू खाता बचत खाता (कासा) जमा पर दबाव के बावजूद, खुदरा कर्ज वृद्धि का मुख्य इंजन बने रहे।
एकत्रित आंकड़ों के अनुसार 12 सरकारी बैंकों में से नौ बैंकों के 30 जून को समाप्त तिमाही के शुरुआती कारोबारी आंकड़ों से पता चलता है कि कर्ज में सालाना आधार पर लगभग 12 प्रतिशत से 29 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई, जबकि जमा में 3.5 प्रतिशत से 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि जमा जुटाने की गति धीमी होने के बावजूद कर्ज की मांग बनी हुई है।
बड़े बैंकों में, बैंक ऑफ बड़ौदा ने जमा में 13.8 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले वैश्विक ऋण में सालाना आधार पर 17.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज में 18.64 प्रतिशत और जमा में 14.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
पंजाब नेशनल बैंक द्वारा दिये गये कर्ज में सालाना आधार पर 12.85 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि जमा में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
केनरा बैंक ने कर्ज में 18 प्रतिशत और जमा में 11.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि इंडियन बैंक ने कर्ज में 13.9 प्रतिशत और जमा में 13.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया इस समूह में सबसे तीव्र वृद्धि हासिल करने वाला बैंक बनकर उभरा। बैंक की तरफ से दिये गये कर्ज में सालाना आधार पर 28.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जमा में 11.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
यूको बैंक ने ऋण में 21.3 प्रतिशत और जमा में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। पंजाब एंड सिंध बैंक ने कर्ज में 19.5 प्रतिशत और जमा में 12.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने जमा में सालाना आधार पर केवल 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जबकि कर्ज में 12.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
खुदरा, कृषि और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) क्षेत्र को दिये गये ऋण से कर्ज विस्तार की गति बनी रही।
केनरा बैंक खुदरा, कृषि और एमएसएमई क्षेत्र को कर्ज देने के मामले में सबसे आगे रहा। इन क्षेत्रों को कर्ज सालाना आधार पर 21.3 प्रतिशत बढ़ा। इसके बाद क्रमश: बैंक ऑफ इंडिया (19.7 प्रतिशत) और बैंक ऑफ बड़ौदा (18.5 प्रतिशत) का स्थान रहा।
इंडियन बैंक का खुदरा, कृषि और एमएसएमई कर्ज पोर्टफोलियो 14.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि यूनियन बैंक का पोर्टफोलियो 11.56 प्रतिशत बढ़ा।
जमा में वृद्धि की तुलना में कर्ज देने की तेज गति के कारण कई बैंकों के कर्ज-जमा अनुपात में भी वृद्धि हुई।
पंजाब नेशनल बैंक का वैश्विक कर्ज-जमा अनुपात सुधरकर 73.92 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 71.1 प्रतिशत था। वहीं यूको बैंक का अनुपात बढ़कर 82.15 प्रतिशत हो गया जो एक साल पहले इसी तिमाही में 75.8 प्रतिशत था।
यूनियन बैंक का घरेलू कर्ज-जमा अनुपात भी तेजी से बढ़कर 83.38 प्रतिशत से अधिक हो गया।
भाषा रमण योगेश
योगेश

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