पंजाब बजट: महिलाओं के लिए नकद अंतरण योजना, कोई नया कर नहीं

पंजाब बजट: महिलाओं के लिए नकद अंतरण योजना, कोई नया कर नहीं

पंजाब बजट: महिलाओं के लिए नकद अंतरण योजना, कोई नया कर नहीं
Modified Date: March 8, 2026 / 06:05 pm IST
Published Date: March 8, 2026 6:05 pm IST

चंडीगढ़, आठ मार्च (भाषा) पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,60,437 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में अन्य बातों के अलावा पात्र महिलाओं के खातों में सीधे 1,000 रुपये से 1,500 रुपये प्रति माह अंतरित किये जाने का प्रस्ताव किया गया है।

पिछले विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (आम) ने महिलाओं को वित्तीय सहायता देने का वादा किया था, जिसे उनसे सत्ता में आने के लगभग चार साल बाद पूरा किया।

पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी और बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

चीमा ने कहा कि वर्तमान या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, वर्तमान और पूर्व सांसद/विधायक और आयकरदाता इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।

‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ (मुख्यमंत्री मां-बेटी सत्कार योजना) के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह और अन्य महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।

चीमा ने 2,60,437 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बजट पेश करते हुए दावा किया कि पंजाब के लोगों से किया गया हर वादा पूरा कर दिया गया है।

चीमा ने कहा कि यह नई योजना न केवल भारत की बल्कि महिलाओं के लिए दुनिया की पहली ‘सार्वभौमिक नकद अंतरण’ योजना होगी। पंजाब में 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला इस योजना के तहत नामांकन के लिए पात्र होगी।

बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस योजना के तहत पंजीकरण 13 अप्रैल बैसाखी के दिन से शुरू होगा।

वर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले प्रति महिला 1,000 रुपये की मासिक सहायता देना सत्तारूढ़ दल का एक प्रमुख चुनावी वादा था। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के साथ मेल खाती है। यह पहली बार है जब राज्य का बजट रविवार को पेश किया गया।

वर्ष 2027 की शुरुआत में होने वाले चुनावों से पहले पंजाब में मान सरकार का यह आखिरी बजट था। अपने लगभग तीन घंटे लंबे बजट भाषण में चीमा ने आवंटन बढ़ाते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, कृषि और अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित किया। हालांकि, वित्त मंत्री ने कोई नया कर नहीं लगाया।

बजट दस्तावेजों के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बकाया कर्ज 4,47,754.78 करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमानों में यह 4,07,784.13 करोड़ रुपये था।

बजट सत्र शुरू होने से पहले पंजाब विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक ईमेल मिला। अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

चीमा ने कहा कि यह बजट पंजाब की माताओं और बेटियों को समर्पित है, उनकी शक्ति को मान्यता देता है और समाज तथा भविष्य में उनके अमूल्य योगदान का जश्न मनाता है।

उन्होंने बजट को ‘सारी गारंटियां पूरी करने वाला बजट’ बताया और इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए काम किया है।

महिलाओं के लिए नई योजना पर चीमा ने कहा कि सरकार महिलाओं के खातों में सीधे 1,000 रुपये प्रति माह स्थानांतरित करेगी, हालांकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं के लिए यह राशि 1,500 रुपये प्रति माह होगी।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं जैसे वृद्धावस्था पेंशन या विधवा/निस्सहाय महिला पेंशन या विकलांगता पेंशन योजना के तहत नामांकित महिलाएं भी इस योजना के तहत पात्र होंगी।

वित्त मंत्री ने ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ के तहत बजट आवंटन को 2025-26 के 585 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 1,170 करोड़ रुपये कर दिया। इसका उद्देश्य राज्य के सभी क्षेत्रों में संतुलित और न्यायसंगत विकास सुनिश्चित करना है।

बजट पेश करने के दौरान पंजाब विधानसभा की दर्शक दीर्घा में आप नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित कई महिला आगंतुक मौजूद थीं।

चीमा ने कृषि क्षेत्र में बिजली सब्सिडी के लिए 7,715 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ-साथ पराली प्रबंधन मशीनरी पर सब्सिडी देने के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा।

चीमा ने कहा कि फसल विविधीकरण, स्थिरता, बाजार सुधारों और किसान कल्याण में लक्षित हस्तक्षेपों का समर्थन करने के लिए 2026-27 में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 15,377 करोड़ रुपये का आवंटन निर्धारित किया गया है।

चीमा ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा, जो सालाना प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक के ‘कैशलेस’ उपचार का प्रावधान करती है। उन्होंने अगले वित्त वर्ष में राज्य में 143 और आम आदमी क्लीनिक खोलने की भी घोषणा की। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए चीमा ने वित्त वर्ष 2026-27 में 6,879 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय का प्रस्ताव रखा।

चीमा ने श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय और एक आधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की भी घोषणा की।

उन्होंने शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय का प्रस्ताव रखा।

चीमा ने कहा कि 2026-27 के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 10 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है और यह 9,80,635 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। प्रभावी राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.08 प्रतिशत अनुमानित है।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार 100 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ गुरु रविदास का 650वां प्रकाश उत्सव मनाएगी।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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