अमेरिकी डीडीजीएस पर कोटा आधारित शुल्क रियायत से पशुपालन, पोल्ट्री क्षेत्र को मिलेगी मजबूती: गोयल
अमेरिकी डीडीजीएस पर कोटा आधारित शुल्क रियायत से पशुपालन, पोल्ट्री क्षेत्र को मिलेगी मजबूती: गोयल
नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के तहत ‘सूखा अनाज आधारित पशु आहार’ (डीडीजीएस) पर कोटा आधारित शुल्क रियायत देने पर सहमति जताई है।
उन्होंने कहा कि उच्च पोषण मूल्य के कारण देश का पशुपालन और पोल्ट्री उद्योग इस उत्पाद की मांग कर रहा था।
एक संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं, जिस पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
गोयल ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘हमने उन्हें डीडीजीएस में कोटा दिया है। यह उच्च पोषण वाला पशु आहार है। वास्तव में पशुपालन क्षेत्र इसकी मांग कर रहा था और पोल्ट्री उद्योग को भी इसकी काफी आवश्यकता है। उच्च प्रोटीन युक्त होने के कारण यह मुर्गियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत बेहतर है।’
मंत्री ने कहा कि विभिन्न हितों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए भारत ने कोटा आधारित शुल्क रियायत देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा, ‘डीडीजीएस पर कोटा अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद है।’
गोयल की यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ विशेषज्ञों ने डीडीजीएस पर शुल्क कटौती को लेकर चिंता जताई थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने अपना बाजार बहुत ही नपे-तुले और संतुलित तरीके से खोला है।
वाणिज्य मंत्री ने कहा, ‘प्रत्येक निर्णय बहुत संतुलित और सोच-समझकर लिया गया है। यह भारत की विकास गाथा में सहायक होगा और अंततः उन भारतीय किसानों की मदद करेगा जो अपने उत्पादों, विशेष रूप से प्रसंस्कृत उत्पादों को दुनिया के अन्य हिस्सों में निर्यात करना चाहते हैं।’
भाषा सुमित पाण्डेय
पाण्डेय

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