आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने ‘शून्य-धोखाधड़ी’ वाली बैंकिंग और पारदर्शिता पर दिया जोर

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने 'शून्य-धोखाधड़ी' वाली बैंकिंग और पारदर्शिता पर दिया जोर

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने ‘शून्य-धोखाधड़ी’ वाली बैंकिंग और पारदर्शिता पर दिया जोर
Modified Date: January 9, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: January 9, 2026 10:32 pm IST

मुंबई, नौ जनवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने शुक्रवार को बैंकिंग सेवाओं और उत्पादों में पारदर्शिता का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग उद्योग को ‘शून्य-धोखाधड़ी’ वाला माहौल बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

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शंकर ने यहां आयोजित ‘इंडियन बैंकिंग टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस’ के 21वें संस्करण के समापन सत्र में इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों का भरोसा जीतना ही बैंक के ग्राहकों को प्रणाली के प्रति वफादार बनाए रखने की कुंजी है।

डिप्टी गवर्नर ने कहा, ”अगर हम उत्पादों और सेवाओं की कीमत पारदर्शी तरीके से तय नहीं करेंगे तो संभव है कि ग्राहक अन्य विकल्पों की ओर रुख कर लें।”

उन्होंने कहा कि देश की बैंकिंग प्रणाली प्रभावी मूल्य निर्धारण के लिए निश्चित रूप से जानी जाती है, लेकिन अभी भी कुछ बुनियादी सिद्धांतों की आवश्यकता है, ताकि उपयोगकर्ता को यह भरोसा दिलाया जा सके कि वह जो कीमत चुका रहा है, वह वाजिब है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

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