आरबीआई ने विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े संस्थानों के लिए नए मानक जारी किए
आरबीआई ने विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े संस्थानों के लिए नए मानक जारी किए
मुंबई, छह मई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े संस्थानों के लिए संशोधित मानक जारी करते हुए कहा है कि अब ‘मनी चेंजरों’ के लिए नए लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे।
केंद्रीय बैंक ने ‘विदेशी मुद्रा प्रबंधन (अधिकृत व्यक्ति) विनियमन, 2026’ के तहत यह बदलाव किया है। इसका उद्देश्य विदेशी मुद्रा सेवाओं की उपलब्धता में सुधार करना और अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
आरबीआई ने बुधवार को कहा कि नए ढांचे के तहत विदेशी मुद्रा लेनदेन करने के लिए सभी संस्थाओं को उसकी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही विदेशी मुद्रा की खरीद-बिक्री के लिए अधिकृत डीलरों की श्रेणियों और नियमों को भी संशोधित किया गया है।
नए नियमों के तहत, नए लाइसेंस के लिए आवेदन तीन श्रेणियों में किया जा सकेगा। बैंकों को अधिकृत डीलर श्रेणी-1 के तहत आवेदन करना होगा।
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी), पूरी तरह मनी चेंजर का काम करने वाले या दो वर्षों से काम कर रहे एवं दो वित्त वर्षों में औसतन 50 करोड़ रुपये का वार्षिक विदेशी मुद्रा कारोबार करने वाले संस्थान अधिकृत डीलर श्रेणी-2 के तहत आवेदन कर सकेंगे।
वहीं, विदेशी मुद्रा से जुड़े नवाचार आधारित उत्पाद और सेवाएं प्रदान करने वाली कुछ अन्य संस्थाओं को अधिकृत डीलर श्रेणी-3 में रखा गया है।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि पूरी तरह मनी चेंजर के रूप में काम करने का लाइसेंस पाने के लिए आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, सिवाय उन आवेदनों के जो इन नियमों के लागू होने से पहले प्रक्रिया में हैं।
नए नियमों के तहत लाइसेंस पाने के लिए संस्थाओं का कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत पंजीकृत होना और निर्धारित न्यूनतम नेटवर्थ मानदंडों को पूरा करना भी जरूरी होगा।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

Facebook


