आरबीआई ने 2026-27 की पहली छमाही के लिए डब्ल्यूएमए सीमा 2.5 लाख करोड़ रुपये तय की

आरबीआई ने 2026-27 की पहली छमाही के लिए डब्ल्यूएमए सीमा 2.5 लाख करोड़ रुपये तय की

आरबीआई ने 2026-27 की पहली छमाही के लिए डब्ल्यूएमए सीमा 2.5 लाख करोड़ रुपये तय की
Modified Date: March 27, 2026 / 10:06 pm IST
Published Date: March 27, 2026 10:06 pm IST

मुंबई, 27 मार्च (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के लिए अर्थोपाय अग्रिम (डब्ल्यूएमए) की सीमा 2.5 लाख करोड़ रुपये तय की है। इससे प्राप्तियों और भुगतानों के बीच किसी भी अस्थायी अंतर को पाटने में मदद मिलेगी।

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा डब्ल्यूएमए सीमा के 75 प्रतिशत का उपयोग करने पर भारतीय रिजर्व बैंक नए सिरे से बाजार ऋण जारी कर सकता है।

बयान में कहा गया, ‘भारतीय रिजर्व बैंक ने सरकार के परामर्श से यह निर्णय लिया है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) के लिए अर्थोपाय अग्रिम की सीमा 2,50,000 करोड़ रुपये होगी।’

आरबीआई ने यह भी कहा कि वह मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसी भी समय डब्ल्यूएमए सीमा को संशोधित कर सकता है।

डब्ल्यूएमए पर ब्याज दर रेपो दर के बराबर होगी और ‘ओवरड्राफ्ट’ पर ब्याज दर रेपो दर से दो प्रतिशत अधिक होगी।

भाषा योगेश रमण

रमण


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