आरबीआई सीमा पार लेनदेन के लिए सीबीडीसी प्रायोगिक परियोजना पर विचार करेगा
आरबीआई सीमा पार लेनदेन के लिए सीबीडीसी प्रायोगिक परियोजना पर विचार करेगा
मुंबई, 29 मई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक सीमा पार लेनदेन में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के उपयोग की संभावनाओं को तलाशेगा और चालू वित्त वर्ष में डिजिटल रुपये को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं तथा घरेलू खुदरा क्षेत्र में और विस्तार देगा। आरबीआई ने 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में यह बात कही।
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने केंद्र और राज्य सरकारों की डीबीटी योजनाओं के तहत सीबीडीसी के कई प्रायोगिक कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें इसकी प्रोग्रामिंग क्षमता का उपयोग किया गया है।
सीमा पार भुगतान के संदर्भ में आरबीआई ने 2025-26 में सिंगापुर की मौद्रिक प्राधिकरण (एमएएस) के साथ डिजिटल परिसंपत्ति सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इसके अलावा, सीमा पार सीबीडीसी प्रायोगिक परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात के केंद्रीय बैंक के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की गई है।
केंद्रीय बैंक ने बताया कि वह ‘बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (बीआईएस) इनोवेशन हब’ की बहुपक्षीय पहलों में भी शामिल हुआ है, जिनका उद्देश्य केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा के माध्यम से सीमा पार भुगतान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
आरबीआई ने कहा कि वह सीबीडीसी प्रयोग को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजनाओं और घरेलू खुदरा क्षेत्र में नए उपयोग मामलों तक विस्तार देगा। साथ ही वित्तीय परिसंपत्तियों के डिजिटल रूपांतरण से जुड़े नए प्रयोग और भागीदारों की भागीदारी बढ़ाने की योजना भी है।
सीमा पार भुगतान के तहत आरबीआई चुनिंदा उपयोग मामलों के साथ द्विपक्षीय सीबीडीसी प्रयोग को लागू करने और बहुपक्षीय परियोजनाओं में तकनीकी तथा शासन मानकों पर सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
भाषा योगेश रमण
रमण

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