Rajgarh Fraud Case: कलयुगी बेटे की करतूत सुन उड़ जाएंगे होश, जिंदा पिता का कर दिया अंतिम संस्कार… फिर खुद की भी फर्जी मौत का रचा खेल, जानें क्यों रची थी ये साजिश

Rajgarh Fraud Case: जिले के खिलचीपुर में एक युवक ने ₹20 लाख का बैंक लोन लेने के लिए अपने जिंदा पिता को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया।

Rajgarh Fraud Case: कलयुगी बेटे की करतूत सुन उड़ जाएंगे होश, जिंदा पिता का कर दिया अंतिम संस्कार… फिर खुद की भी फर्जी मौत का रचा खेल, जानें क्यों रची थी ये साजिश

Rajgarh Fraud Case/Image: AI Generated

Modified Date: May 29, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: May 29, 2026 7:05 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ₹20 लाख का बैंक लोन लेने के लिए बेटे ने पिता को दस्तावेजों में मृत घोषित किया
  • फर्जी संपत्ति दस्तावेज तैयार कर बैंक से लोन हासिल करने का आरोप
  • किस्त चुकाने से बचने के लिए आरोपी ने खुद की फर्जी अंतिम संस्कार रसीद भी बनवाई, पुलिस ने मामला दर्ज किया।

Rajgarh Fraud Case: राजगढ़ जिले के खिलचीपुर से जालसाजी का एक ऐसा सनसनीखेज और अनोखा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ एक कलयुगी बेटे ने ₹20 लाख का बैंक लोन हड़पने के लिए अपने जिंदा पिता को ही सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, जब बैंक की किस्त चुकाने से बचने की बारी आई, तो शातिर बेटे ने खुद को भी कागजों में मुर्दा साबित करने के लिए श्मशान घाट की फर्जी अंतिम संस्कार रसीद तक तैयार करवा ली। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा (Rajgarh Fraud Case) तब हुआ जब पीड़ित पिता खुद को बैंक रिकॉर्ड में मृत देखकर हैरान रह गए। पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

पिता को स्वर्गीय बताकर खुद के नाम करवा ली संपत्ति

खिलचीपुर निवासी दिनेश गुप्ता के बेटे ने जालसाजी (Rajgarh Fraud Case) की सारी हदें पार करते हुए पहले फर्जी दस्तावेज तैयार किए। उसने किसी और की दुकान और मकान को कागजों में अपने पिता के नाम दर्ज कराया, फिर पिता को स्वर्गीय बताकर वह संपत्ति अपनी मां और खुद के नाम ट्रांसफर करवा ली। इन्हीं फर्जी कागजातों के दम पर आरोपी बेटे ने बैंक से ₹20 लाख का मोटा लोन पास करा लिया। ​

बैंक रिकॉर्ड खंगाला तो पैरों तले जमीन खिसक गई

मामले का भंडाफोड़ (Rajgarh Fraud Case) तब हुआ जब पिता दिनेश गुप्ता को बैंक लोन की भनक लगी और उन्होंने बैंक जाकर रिकॉर्ड खंगाला। बैंक के कागजों में खुद को मृत पाकर पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। जांच में यह भी सामने आया कि लोन की किस्त न भरनी पड़े, इसलिए बेटे ने नगर परिषद खिलचीपुर के नाम से खुद के अंतिम संस्कार की झूठी रसीद भी बनवा रखी थी, जिसे नगर परिषद ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है। खिलचीपुर थाना पुलिस ने पीड़ित पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.