अमेरिका-ईरान तनाव में कमी से आर्थिक वृद्धि को मिलेगा बल: आरबीआई
अमेरिका-ईरान तनाव में कमी से आर्थिक वृद्धि को मिलेगा बल: आरबीआई
मुंबई, 30 जून (भाषा) ईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम शांति समझौता भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए सहायक साबित हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को यह बात कही।
मंगलवार को जारी अपनी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि मई, 2026 में अप्रैल की तुलना में सोने के आयात में वृद्धि काफी हद तक धीमी हो गई है।
हालांकि, आरबीआई ने चेतावनी दी कि ऊर्जा और अन्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों, पेट्रोल पंप दरों में सीमित समायोजन, उत्पाद शुल्क में कटौती और सब्सिडी पर बढ़ते खर्च के कारण राजकोषीय घाटे पर दबाव बढ़ सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया, “यह अंतरिम शांति समझौता संघर्ष की समाप्ति और आपूर्ति श्रृंखलाओं के सामान्यीकरण की नींव रखता है, जिससे आर्थिक वृद्धि को बल मिल सकता है।”
आरबीआई ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न हालिया वैश्विक अस्थिरता के दौर में देश मजबूत वृहद आर्थिक आधार के साथ प्रवेश कर रहा था। हालांकि, भारत की मजबूती एक महत्वपूर्ण सहारा है, लेकिन आयातित ऊर्जा पर भारी निर्भरता के कारण कुछ प्रभाव अवश्य पड़ेगा।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि अप्रैल-मई, 2026 के अधिकांश उच्च आवृत्ति संकेतक आर्थिक गतिविधियों में निरंतर मजबूती दर्शाते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वृद्धि मजबूत बनी हुई है।
हालांकि, आरबीआई ने कहा कि तेल और अन्य वस्तुओं की ऊंची कीमतें तथा कमजोर वैश्विक वृद्धि 2026-27 में भारत की वृद्धि को प्रभावित कर सकती हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने कहा कि भारतीय बैंकों का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात मार्च, 2026 तक घटकर कई दशक के निचले स्तर 1.8 प्रतिशत पर आ गया है।
केंद्रीय बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा कि आधार परिदृश्य में एनपीए का स्तर बढ़कर मार्च, 2028 तक 1.9 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया, “46 बैंकों का समग्र जीएनपीए अनुपात मार्च, 2026 के 1.8 प्रतिशत से बढ़कर मार्च, 2028 तक 1.9 प्रतिशत हो सकता है।”
हालांकि आरबीआई ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली की मजबूती बरकरार है, लेकिन वित्तपोषण एक प्रमुख चुनौती के रूप में उभर रहा है, क्योंकि बचतकर्ता बेहतर रिटर्न के लिए शेयर और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
भाषा योगेश अजय
अजय

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