मलेशिया से एल्यूमिनियम तार आयात पर प्रतिपूरक शुल्क जारी रखने की समीक्षा शुरू
मलेशिया से एल्यूमिनियम तार आयात पर प्रतिपूरक शुल्क जारी रखने की समीक्षा शुरू
नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) भारत ने मलेशिया से आयातित एल्युमिनियम तार पर लगाए गए प्रतिपूरक शुल्क को जारी रखने की जरूरत की समीक्षा के लिए जांच शुरू कर दी है। यह कदम घरेलू कंपनियों की शिकायत के बाद उठाया गया है।
वाणिज्य मंत्रालय के अधीन व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने एक अधिसूचना में कहा कि उसे प्रथम दृष्टया ऐसे साक्ष्य मिले हैं कि यह शुल्क हटने पर एल्युमिनियम तार का सब्सिडी-युक्त आयात जारी रह सकता है जिससे घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंच सकता है।
प्रतिपूरक शुल्क आयातित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला शुल्क है जो निर्यातक देश द्वारा दी गई सब्सिडी के प्रभाव को संतुलित करने के लिए लगाया जाता है।
केंद्र सरकार ने 24 सितंबर 2021 को ‘कॉइल या वायर रॉड के रूप में एल्युमिनियम तार’ के आयात पर पांच साल के लिए यह शुल्क लगाया था, जिसकी अवधि 23 सितंबर 2026 को समाप्त होने वाली है।
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, वेदांता लिमिटेड और भारत एल्युमिनियम कंपनी जैसी घरेलू कंपनियों ने डीजीटीआर के समक्ष आवेदन देकर कहा है कि यह शुल्क हटने से घरेलू विनिर्माताओं को नुकसान होगा।
आवेदक कंपनियों ने आरोप लगाया है कि मलेशिया के निर्यातक वहां की सरकार से विभिन्न स्तरों पर सब्सिडी का लाभ लेते हैं, जिससे भारतीय उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डीजीटीआर ने कहा कि इस आवेदन के आधार पर यह शुल्क समाप्त होने से पहले उसे जारी रखने की जरूरत का आकलन करने वाली जांच शुरू की गई है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि शुल्क हटाने से घरेलू उद्योग को नुकसान होगा, तो शुल्क को जारी रखने की सिफारिश की जा सकती है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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