आर्थिक वृद्धि की रफ्तार तेज करने को सालाना 40 लाख करोड़ रु. का बुनियादी ढांचा निवेश जरूरी: नैबफिड

आर्थिक वृद्धि की रफ्तार तेज करने को सालाना 40 लाख करोड़ रु. का बुनियादी ढांचा निवेश जरूरी: नैबफिड

आर्थिक वृद्धि की रफ्तार तेज करने को सालाना 40 लाख करोड़ रु. का बुनियादी ढांचा निवेश जरूरी: नैबफिड
Modified Date: August 12, 2026 / 09:59 pm IST
Published Date: August 12, 2026 9:59 pm IST

मुंबई, 12 अगस्त (भाषा) भारत को दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि के लक्ष्य हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे में सालाना निवेश की रफ्तार दोगुनी कर 40 लाख करोड़ रुपये करनी होगी। नैबफिड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह बात कही।

उन्होंने कहा कि देश में अभी बुनियादी ढांचे में सालाना लगभग 20 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे और विनिर्माण, दोनों क्षेत्रों में निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जरूरत है।

नैबफिड एक विकास वित्त संस्थान है। इसे देश में सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे, बिजली जैसी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक वित्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

नैबफिड के प्रबंध निदेशक राजकिरण राय जी ने यहां फिक्की और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के सालाना कार्यक्रम में एक परिचर्चा के दौरान कहा, ‘‘अगले 20 वर्षों में केवल बुनियादी ढांचे में ही करीब 800 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी। यानी हर साल लगभग 40 लाख करोड़ रुपये का निवेश करना होगा। अभी हम मुश्किल से 20 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर पा रहे हैं। इसी तरह विनिर्माण क्षेत्र में पूंजीगत निवेश भी बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि पूंजीगत निवेश की बात केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि विनिर्माण क्षेत्र में भी निवेश बढ़ाना होगा। भारत ने विनिर्माण क्षेत्र के अपेक्षित विकास से पहले ही सेवा क्षेत्र में तेज प्रगति कर ली थी।

राय ने कहा कि सेवा क्षेत्र ने भारत की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अर्थव्यवस्था को चार लाख करोड़ डॉलर के स्तर के करीब पहुंचाने में मदद की है, लेकिन अब विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, ‘‘उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और अन्य पहल से इस दिशा में तेजी आई है। विनिर्माण और बुनियादी ढांचे, दोनों में निवेश बेहद महत्वपूर्ण है। यदि हमें टिकाऊ तरीके से नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि हासिल करनी है तो मौजूदा निवेश को लगभग दोगुना करना होगा।’

भाषा योगेश अजय

अजय


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