नयी ग्रामीण रोजगार योजना ‘वीबी-जी राम जी’ के लिए 95,000 करोड़ रुपये आवंटित

नयी ग्रामीण रोजगार योजना ‘वीबी-जी राम जी’ के लिए 95,000 करोड़ रुपये आवंटित

नयी ग्रामीण रोजगार योजना ‘वीबी-जी राम जी’ के लिए 95,000 करोड़ रुपये आवंटित
Modified Date: February 1, 2026 / 03:13 pm IST
Published Date: February 1, 2026 3:13 pm IST

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्र सरकार ने नयी योजना ‘वीबी-जी राम जी’ को लागू करने की तैयारी के साथ ही इसके लिए 95,692.31 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि मनरेगा के लिए 30,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत साल में 125 दिनों के काम का वादा किया गया है। यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 के तहत बनी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल की दो दशक पुरानी ग्रामीण रोजगार योजना का स्थान लेगी।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा योजना तब तक जारी रहेगी, जब तक ‘वीबी-जी राम जी’ पूरी तरह अमल में नहीं आ जाती और इसके तहत लंबित कार्य पूरे नहीं हो जाते।

बजट दस्तावेजों के अनुसार, मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के लिए कुल 1,94,368.81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वित्त वर्ष के 1,86,995.61 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से थोड़ा अधिक है।

वर्ष 2026-27 के लिए भूमि संसाधन विभाग को 2,654.33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वर्ष 2025-26 में इस विभाग के लिए 2,651 करोड़ रुपये का आवंटन था, जबकि संशोधित अनुमान के अनुसार वास्तविक खर्च 1,757.4 करोड़ रुपये रहा।

वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों के मुताबिक, मनरेगा कार्यक्रम पर कुल खर्च 88,000 करोड़ रुपये रहा, जबकि शुरुआत में इसके लिए 86,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के लिए वर्ष 2026-27 का आवंटन 19,000 करोड़ रुपये रखा गया है, जो 2025-26 के बराबर ही है। हालांकि, संशोधित अनुमान के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में इस पर खर्च 11,000 करोड़ रुपये हुआ था।

दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2026-27 का आवंटन बढ़ाकर 19,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पिछले साल यह राशि 19,005 करोड़ रुपये थी, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक 16,000 करोड़ रुपये खर्च हुए।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लिए इस साल 54,916.70 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। पिछले बजट में यह राशि 54,832.00 करोड़ रुपये थी और संशोधित अनुमान में खर्च 32,500.01 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

संशोधित अनुमान (आरई) वास्तविक खर्च के रुझानों के आधार पर सरकार के व्यय का अद्यतन या ताजा अनुमान होता है।

भाषा सुमित अजय

अजय


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