मुंबई, 21 जनवरी (भाषा) अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया बुधवार को 67 पैसे लुढ़ककर अब तक के सबसे निचले स्तर 91.64 (अस्थायी) पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और जोखिम लेने की धारणा कमजोर होने के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी के दबाव में रुपये में गिरावट आई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि रुपया 16 दिसंबर, 2025 को 91.14 के अपने पिछले सबसे निचले स्तर पर पहुंचा था। इस महीने अब तक रुपये में 1.50 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि इस गिरावट का कारण बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड मुद्दे और संभावित शुल्क को लेकर यूरोप में बढ़ते तनाव, साथ ही घरेलू बाजार में नकारात्मक रुख ने निवेश्कों की कारोबारी धारणा को और प्रभावित किया।
अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 91.05 पर खुला और डॉलर के मुकाबले 91.74 के कारोबार के निचले स्तर पर आ गया। कारोबार के अंत में रुपया 91.64 (अस्थायी) के सर्वकालिक निम्न स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 67 पैसे कम था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक, दिलीप परमार के मुताबिक, 21 नवंबर, 2025 के बाद यह एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। मंगलवार को, रुपया सात पैसे टूटकर 90.97 पर बंद हुआ था।
कोटक महिंद्रा एएमसी के प्रमुख (फिक्स्ड इनकम), अभिषेक बिसेन ने कहा, ‘भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं अस्थिर पूंजी के प्रवाह के दबाव का सामना कर रही हैं।’
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक कारोबार पर असर डाल रहे हैं। वैश्विक तनाव में ग्रीनलैंड विवाद और वेनेजुएला के तेल भंडार पर अमेरिका का नियंत्रण शामिल है। ग्रीनलैंड विवाद ने अमेरिका-यूरोप संबंधों को खराब किया है और इससे नाटो के टूटने का खतरा है।
बिसेन ने कहा कि भारत के लिए, अमेरिका के साथ लंबित व्यापार समझौता एक अहम संतुलनकारी पहलू बना हुआ है, क्योंकि इसके होने से विश्वास और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा, ‘साथ ही, जब तक भू-राजनीतिक जोखिम कम नहीं हो जाता और व्यापार समझौता नहीं हो जाता, तब तक रुपया बाहरी झटकों के प्रति कमजोर बना रह सकता है। हालांकि, मजबूत विदेशीमुद्रा भंडार को देखते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक स्थिति को संभाल सकता है।’’
इस बीच, विश्व की अन्य छह प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत घटकर 98.61 पर रहा।
वायदा कारोबार में वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.88 प्रतिशत गिरकर 63.70 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 270.84 अंक टूटकर 81,909.63 जबकि निफ्टी 75 अंक गिरकर 25,157.50 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को 2,938.33 करोड़ रुपये की शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश रमण
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