नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने लंबे समय से लंबित को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों को 1,491.21 करोड़ रुपये में निपटाने के लिए बाजार नियामक सेबी को 714.74 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है।
एनएसई ने पहले ही 776.47 करोड़ रुपये जमा कराए थे। इसके साथ ही संशोधित निपटान शर्तों के तहत 1,491.21 करोड़ रुपये की निपटान राशि को चुका दिया गया है।
यह मामला एनएसई परिसर में कारोबारियों को सर्वर लगाने की सुविधा (को-लोकेशन) मामले में ‘हाई फ्रीक्वेंसी’ कारोबार में कुछ इकाइयों को कथित रूप से आंकड़ा प्राप्त होने में तरजीह से जुड़ा है।
एक दिन पहले भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक्सचेंज के संशोधित निपटान प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी, जिसके बाद यह भुगतान किया गया।
एनएसई ने एक बयान में कहा, ”30 जुलाई, 2026 के मांग नोटिस के तहत किए गए 714.74 करोड़ रुपये के भुगतान के साथ ही 776.47 करोड़ रुपये की जमा राशि को मिलाकर 1,491.21 करोड़ रुपये की निपटान राशि पूरी हो गई है।”
एनएसई ने बृहस्पतिवार को बताया था कि सेबी सैद्धांतिक रूप से को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों को 1,491.21 करोड़ रुपये की कुल राशि में निपटाने के लिए सहमत हो गया है और पहले से जमा की गई राशि को समायोजित करने के बाद 714.74 करोड़ रुपये की शेष राशि का भुगतान करने को कहा गया है।
एक्सचेंज के निदेशक मंडल की 30 जुलाई को आयोजित बैठक में शेष निपटान राशि के भुगतान को मंजूरी दी गई थी।
यह निपटान ऐसे समय में हुआ है, जब देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तैयारी कर रहा है।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण