निजी, गैर-वित्तीय कंपनियों की बिक्री 2024-25 में 7.8 प्रतिशत बढ़ी: आरबीआई आंकड़ा

निजी, गैर-वित्तीय कंपनियों की बिक्री 2024-25 में 7.8 प्रतिशत बढ़ी: आरबीआई आंकड़ा

निजी, गैर-वित्तीय कंपनियों की बिक्री 2024-25 में 7.8 प्रतिशत बढ़ी: आरबीआई आंकड़ा
Modified Date: March 30, 2026 / 09:25 pm IST
Published Date: March 30, 2026 9:25 pm IST

मुंबई, 30 मार्च (भाषा) चुनिंदा गैर-सरकारी गैर-वित्तीय (एनजीएनएफ) पब्लिक लि. कंपनियों की शुद्ध बिक्री में 2024-25 में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो इससे पिछले वर्ष 6.3 प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को यह जानकारी दी।

एनजीएनएफ पब्लिक लि. कंपनियों के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की बिक्री वृद्धि 2024-25 के दौरान क्रमशः 6.3 प्रतिशत और 10.1 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह वृद्धि क्रमशः पांच प्रतिशत और 7.4 प्रतिशत थी।

रिजर्व बैंक ने 2024-25 के दौरान एनजीएनएफ पब्लिक लि. कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन से संबंधित आंकड़े जारी किए हैं। ये आंकड़े उन 7,992 चुनिंदा कंपनियों के लेखापरीक्षा वाले वार्षिक खातों पर आधारित हैं, जिन्होंने 2022-23 से 2024-25 तक के तीन लेखा वर्षों के लिए भारतीय लेखा मानक प्रारूप में रिपोर्ट किया है।

आरबीआई ने कहा, ‘‘सेवा क्षेत्र की बिक्री में वृद्धि मुख्य रूप से ‘परिवहन और भंडारण सेवाओं’ और ‘सूचना और संचार’ क्षेत्रों की बिक्री में विस्तार के कारण हुई है।

बिक्री वृद्धि के अनुरूप, विनिर्माण व्यय में उच्च वृद्धि के कारण 2024-25 के दौरान परिचालन व्यय में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

लाभ के संबंध में, आरबीआई ने कहा कि कच्चे माल पर अधिक व्यय के कारण कुल व्यय में वृद्धि से परिचालन लाभ की वृद्धि दर 2024-25 में घटकर 8.4 प्रतिशत रही जो एक साल पहले 15.3 प्रतिशत थी।

केंद्रीय बैंक के अनुसार, ‘‘गैर-परिचालन आय में मजबूती और कर व्यय में कमी के चलते 2024-25 के दौरान कर पश्चात लाभ में 23.1 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई। सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने विनिर्माण क्षेत्र (12.8 प्रतिशत) की तुलना में कहीं अधिक कर पश्चात लाभ वृद्धि (40.2 प्रतिशत) दर्ज की।’’

आरबीई ने कहा कि 2024-25 के दौरान कुल कोष का 57.2 प्रतिशत आंतरिक स्रोतों से प्राप्त हुआ और यह स्रोत कोष का प्राथमिक चालक बना रहा।

साथ ही, सकल अचल परिसंपत्तियों का निर्माण भी मजबूत बना रहा, जो 2024-25 के दौरान निधि के कुल उपयोग का 41.1 प्रतिशत रहा।

भाषा रमण अजय

अजय


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