सेबी का नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों की ओर से म्यूचुअल फंड में निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव

सेबी का नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों की ओर से म्यूचुअल फंड में निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव

सेबी का नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों की ओर से म्यूचुअल फंड में निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव
Modified Date: May 20, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: May 20, 2026 7:46 pm IST

नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को कुछ निश्चित परिस्थितियों में म्यूचुअल फंड में तीसरे पक्ष से भुगतान की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा। इनमें पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ नियोक्ता का अपने कर्मचारियों की ओर से निवेश करना और म्यूचुअल फंड यूनिट के रूप में संपत्ति प्रबंधन कंपनियों का कमीशन का भुगतान करना शामिल है।

वर्तमान नियामकीय रूपरेखा के अनुसार, म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए सभी भुगतान सीधे निवेशक के अपने बैंक खाते से होने चाहिए और केवल आरबीआई से अधिकृत भुगतान एग्रीगेटर या सेबी से मान्यता प्राप्त समाशोधन निगम के माध्यम से ही किए जाने चाहिए।

उद्योग से मिली प्रतिक्रिया के बाद, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड में तीसरे पक्ष द्वारा भुगतान की मौजूदा रूपरेखा की समीक्षा की आवश्यकता महसूस की। इसके तहत, सेबी ने प्रस्ताव किया है कि कुछ विशिष्ट और स्पष्ट परिस्थितियों में निवेशक संरक्षण और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के अनुपालन के साथ ऐसे भुगतान की अनुमति दी जानी चाहिए।

नियामक ने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना है जो वास्तविक मामलों में निवेश को आसान बनाए और साथ ही संभावित दुरुपयोग के खिलाफ मजबूत सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करे।’’

इसी के अनुरूप, सेबी ने अपने परामर्श पत्र में एक तृतीय-पक्ष भुगतान परिदृश्य का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत नियोक्ता कर्मचारियों के म्यूचुअल फंड में निवेश का भुगतान वेतन कटौती के माध्यम से कर सकता है।

सेबी ने कहा, ‘‘प्रस्तावित परिदृश्य नियोक्ताओं द्वारा अपने कर्मचारियों को विभिन्न लाभ और बचत के अवसर प्रदान करने की स्थापित गतिविधियों को ध्यान में रखता है। यह व्यवस्था परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को वेतन कटौती के माध्यम से म्यूचुअल फंड निवेश के लिए एकीकृत भुगतान स्वीकार करने की अनुमति देगी।’’

इसके अतिरिक्त, नियामक ने तृतीय-पक्ष भुगतान से संबंधित एक अन्य परिदृश्य का सुझाव दिया है। इसके तहत समय-समय पर दिया जाने वाले एएमसी कमीशन के बजाय म्यूचुअल फंड वितरकों (एमएफडी) को म्यूचुअल फंड यूनिट के रूप में भुगतान किया जा सकता है।

प्रस्तावित परिदृश्य के तहत संपत्ति प्रबंधन कंपनियां और म्यूचुअल फंड वितरक के बीच हुए समझौते के अनुसार नियमित समय पर दिये जाने वाले कमीशन के बजाय म्यूचुअल फंड यूनिट आवंटित की जाएंगी। यह म्यूचुअल फंड वितरकों को म्यूचुअल फंड यूनिट में निवेश करने का एक सुविधाजनक, सुगम और अनुशासित तरीका प्रदान करेगा और दीर्घकालिक बचत और निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा।

इसके अतिरिक्त, सेबी ने निवेशकों को राशि या योजना के रिटर्न का एक हिस्सा सामाजिक कार्यों में दान करने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया है। इसका उद्देश्य एक विनियमित, पारदर्शी और निवेशक-सुरक्षित रूपरेखा के माध्यम से सामाजिक कार्यों में निवेशकों के योगदान को सुगम बनाना है।

सेबी ने इन प्रस्तावों पर 10 जून तक लोगों से सुझाव मांगे हैं।

भाषा रमण अजय

अजय


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