Twisha Sharma Death Case: दोबारा नहीं होगा ट्विशा शर्मा का पोस्टमार्टम, कोर्ट ने इस वजह से खारिज की मांग, इस चीज की भी नहीं होगी अनुमति

दोबारा नहीं होगा ट्विशा शर्मा का पोस्टमार्टम, कोर्ट ने इस वजह से खारिज की मांग, Twisha Sharma's post-mortem will not be conducted again

Twisha Sharma Death Case: दोबारा नहीं होगा ट्विशा शर्मा का पोस्टमार्टम, कोर्ट ने इस वजह से खारिज की मांग, इस चीज की भी नहीं होगी अनुमति
Modified Date: May 20, 2026 / 06:52 pm IST
Published Date: May 20, 2026 6:38 pm IST

भोपालः Twisha Sharma Death Case: भोपाल में सामने आए ट्विशा शर्मा मौत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतका के परिवार की ओर की गई दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को भोपाल जिला कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यानी अब ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम नहीं होगा। हालांकि कोर्ट ने उनकी बॉडी को मध्यप्रदेश में कहीं भी रखने की अनुमति दी है। कोर्ट ने शर्त रखी है कि जहां उनके शव का रखा जाएगा, वहां का तापमान -80 डिग्री होना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि ट्विशा के शव को मध्यप्रदेश से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी ATR

बता दें कि इसी मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और डीजीपी कैलाश मकवाना को पत्र लिखकर तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने 7 दिन के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। साथ ही FIR में लगाई गई धाराओं, समर्थ की गिरफ्तारी, पासपोर्ट इंपाउंडमेंट, CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी भी देने को कहा है। आयोग ने पीड़िता के परिवार को किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव से सुरक्षा दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।

सास गिरिबाला सिंह की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

वहीं ट्विशा के परिवार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। परिवार ने राज्यपाल को पत्र लिखकर ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। ऐसे में उनका संवैधानिक पद पर बने रहना उचित नहीं माना जा सकता। बताया जा रहा है कि वर्तमान में गिरिबाला सिंह डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम की बेंच-2 की अध्यक्ष हैं।

ट्विशा शर्मा का पति समर्थ सिंह फरार

परिवार ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि नियमों के तहत कदाचार, दोष सिद्ध होने या गंभीर आरोपों की स्थिति में पद से हटाने का प्रावधान मौजूद है। गौरतलब है कि गिरिबाला सिंह भोपाल में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर भी रह चुकी हैं। रिटायरमेंट के बाद उन्हें जिला उपभोक्ता आयोग में बेंच-2 का अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस पहले ही पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है। मामले की जांच जारी है और परिवार लगातार निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा है।

 


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।