सेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड मंच के प्रचारात्मक दावों पर सख्त नियम लागू करने का प्रस्ताव दिया

सेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड मंच के प्रचारात्मक दावों पर सख्त नियम लागू करने का प्रस्ताव दिया

सेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड मंच के प्रचारात्मक दावों पर सख्त नियम लागू करने का प्रस्ताव दिया
Modified Date: August 22, 2026 / 07:02 pm IST
Published Date: August 22, 2026 7:02 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) सेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड मंचों के लिए विज्ञापन के सख्त नियम प्रस्तावित किए हैं। इनमें ऐसे प्रचारात्मक दावों पर रोक लगाना शामिल है जो निवेशकों को बिना पूरी जांच-पड़ताल के फैसले लेने के लिए उकसा सकते हैं।

विनियामक द्वारा शुक्रवार को जारी एक परामर्श पत्र के अनुसार, प्रस्तावित संशोधित विज्ञापन संहिता का मकसद ऑनलाइन बॉन्ड मंच द्वारा डिजिटल विज्ञापन, सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर आधारित प्रचार के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़ी चिंताओं को दूर करना है।

नियामक ने ऐसे विज्ञापनों पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है जिनमें जल्दबाजी, व्यवहार संबंधी संकेत और ‘कुछ छूट जाने का डर’ जैसे संदेशों का इस्तेमाल किया जाता है। ये निवेशकों को बिना पूरी जांच-पड़ताल के कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

खास प्रतिभूतियों वाले विज्ञापनों के लिए, ओबीपीपी को मानक जानकारी देनी होगी। इसमें जारीकर्ता, अवधि, क्रेडिट रेटिंग, प्रतिभूति का प्रकार, परिपक्वता पर प्राप्त होने वाला प्रतिफल जैसी जानकारियां शामिल होगी।

नियामक ने ‘तय लाभ’, अनुमानित लाभ और शेष आय जैसे शब्दों के इस्तेमाल के लिए भी दिशानिर्देश प्रस्तावित किए हैं, ताकि यह पक्का किया जा सके कि ऐसे विवरणों से पक्के रिटर्न (एश्योर्ड रिटर्न) का आभास न हो।

‘फिक्स्ड रिटर्न’ (सुनिश्चित लाभ) शब्द का इस्तेमाल करने वाले विज्ञापनों में एक प्रमुख ‘डिस्क्लेमर’ (अस्वीकरण) देना होगा। इसमें बताना होगा कि फिक्स्ड रिटर्न की गारंटी नहीं है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने परामर्श पत्र पर अंशधारकों से 11 सितंबर तक राय मांगी है।

भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय


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